
BJP की दूसरी लिस्ट में हीरेंद्र सिंह बंटी को मिला दिग्विजय के गढ़ से टिकिट, ज्योतिरादित्य सिंधिया की हैं पसंद
AajTak
MP BJP Second List 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने 39 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी की है. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भी विधानसभा चुनाव का टिकट दिया गया है. वह दिमनी सीट से चुनाव लड़ेंगे. इन 39 उम्मीदवारों में कई सांसद भी शामिल हैं. वहीं, तीन केंद्रीय मंत्रियों को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है.
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर बीजेपी ने 39 प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर दी है. सूची में हाईप्रोफाइल विधानसभा सीट राघोगढ़ से हीरेन्द्र सिंह बंटी को टिकट दिया गया है. हीरेन्द्र सिंह बंटी कांग्रेस का साथ छोड़कर ज्योतिरादित्य सिंधिया के सानिध्य में बीजेपी से जुड़े थे. ज्योतिरादित्य सिंधिया की पसंद को भाजपा ने तरजीह देते हुए हीरेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है.
हीरेन्द्र सिंह ने 4 दिसंबर 2021 में भाजपा का दामन थामा था. वर्तमान में हीरेन्द्र सिंह भाजपा के जिला उपाध्यक्ष हैं. हीरेन्द्र सिंह की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो वे 2000-05 तक राघोगढ़ के जनपद पंचायत सदस्य रहे. 2008-19 तक शक्कर कारखाने के संचालक रहे.
हीरेन्द्र सिंह के पिता मूल सिंह दादाभाई कांग्रेस से दो बार 1985 और 2008 में विधायक रहे थे. साल 2000-05 में जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे थे. मूलसिंह को दिग्विजय सिंह दादाभाई कहकर संबोधित करते थे. मूलसिंह दादाभाई दिग्विजय सिंह के राजनीतिक सलाहकार भी रहे हैं.
लेकिन अंदरूनी उठापटक के चलते हीरेन्द्र सिंह बंटी ने दिग्विजय सिंह का साथ छोड़ दिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो गए. ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हीरेन्द्र सिंह के सहारे दिग्विजय सिंह के किले में सेंधमारी करना चाहते हैं. वर्तमान में दिग्विजय के पुत्र जयवर्द्धन राघोगढ़ से विधायक हैं.
टिकिट फाइनल होते ही हीरेन्द्र सिंह बंटी ने एक पोस्टर भी जारी किया है जिसमें वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को धन्यवाद ज्ञापित कर रहे हैं. हीरेन्द्र सिंह बंटी ने लिखा, "इस महत्वपूर्ण क्षण पर केंद्रीय और राज्य सरकार को ह्रदय से आभार व्यक्त करते हैं. आपने हमारे प्रति अपना विश्वास प्रकट किया है, और हम आश्वासन देते हैं कि हम आपके विश्वास को पूरी ईमानदारी से निभाएंगे.
आपका विश्वास हमारे लिए महत्वपूर्ण है, और हम यकीन दिलाते हैं कि हम आपके विश्वास के लायक हैं और चुनाव में विजयी होकर हम आपके आशीर्वाद को पूरा करेंगे. हमारे क्षेत्रवासियों और कार्यकर्ताओं की ओर से भी धन्यवाद "

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.








