
Bharat Gaurav Train: नेपाल के जनकपुर पहुंची भारत गौरव ट्रेन, यात्रियों का जोरदार स्वागत, भगवान राम से जुड़े धार्मिक स्थलों के करवाए जाएंगे दर्शन
AajTak
IRCTC, Indian Railways, Ramayana circuit train : 500 यात्रियों को लेकर भारत गौरव ट्रेन (Bharat Gaurav Train) नेपाल के जनकपुर पहुंच गई. 14 कोच वाली यह ट्रेन बीते दिन जनकपुर धाम स्टेशन पर पहुंची. मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई थी.
Ramayana Circuit Train, Bharat Gaurav Train: भगवान श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाने वाली पहली भारत गौरव ट्रेन (Bharat Gaurav Train) देश के 500 यात्रियों को लेकर नेपाल के जनकपुर पहुंच गई. 14 कोच वाली यह ट्रेन बीते दिन जनकपुर धाम स्टेशन पर पहुंची. मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई थी.
केंद्र सरकार ने भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों की यात्रा करवाने के लिए रामायण सर्किट का गठन किया है, जिसके तहत यह ट्रेन चलाई जा रही है. यह पहली बार नेपाल में जनकपुर को कवर कर रही है. इसके अलावा, अयोध्या, नंदीग्राम, सीतामढ़ी, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, पंचवटी (नासिक), हम्पी, रामेश्वरम आदि जैसे धार्मिक स्थलों की भी यात्रा करवा रही है.
गुरुवार को मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री लालबाबू राउत, मधेश प्रदेश के उद्योग, पर्यटन और वन मंत्री शत्रुघ्न महतो, जनकपुरधाम के मेयर मनोज कुमार शाह, नेपाल रेलवे के महाप्रबंधक निरंजन झा, काठमांडू में भारतीय दूतावास के काउंसलर प्रसन्ना श्रीवास्तव ने ट्रेन में सवाल यात्रियों को जोरदार स्वागत किया.
भारतीय दूतावास की प्रेस रिलीज के अनुसार, पर्यटक जानकी मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे, जानकी मंदिर परिसर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम देखेंगे और गंगा आरती में भाग लेंगे. 24 जून को वे भारत गौरव ट्रेन से रामायण सर्किट मार्ग पर आगे की यात्रा के लिए सड़क मार्ग से सीतामढ़ी जाने से पहले जनकपुरधाम जाएंगे. भारतीय दूतावास ने आगे कहा कि ट्रेन से भारत और नेपाल में पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
जानिए, क्या है भारत गौरव ट्रेन की खासियतें यह पहली ऐसी ट्रेन है, जिसमें यात्रियों के लिए मंदिर की भी व्यवस्था की गई है. भारत गौरव ट्रेन के कोच नंबर 6 में इस मंदिर का निर्माण किया गया है. कोच में सीट को हटाकर बड़ा सा हॉल बनाया गया है. ट्रेन के इस मंदिर में यात्री सुबह-शाम भजन कीर्तन कर सकेंगे. इस अलावा मंदिर में तीन टाइम आरती की जाएगी. हर कोच के यात्रियों की जिम्मेदारी हर दिन के हिसाब से बांटी गई हैं. ट्रेन के इस मंदिर में ऊपर बर्थ पर भगवान राम, भगवान लक्ष्मण और माता जानकी की प्रतिमाओं को लगाया गया है. इस यात्रा में कुल 18 दिनों का समय लगेगा.

पिछले 18 दिनों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के युद्ध का मोर्चा खुला हुआ है. और उधर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ जंग का एक और फ्रंट खोल दिया है. बीती रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके एक अस्पताल के 400 मरीज मार डाले. पाकिस्तान को ये लग रहा है कि जब दुनिया का ध्यान ईरान पर है तो वो अफगानिस्तान में कत्लेआम मचा सकता है. और वो इससे बच जाएगा. लेकिन ऐसा होगा नहीं. क्योंकि अब तालिबान ने भी अपने निर्दोष नागरिकों की हत्या का बदला लेना की कसम खा ली है.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.








