
Bengaluru Gangrape: रैपिडो की सवारी, बदनीयत ड्राइवर और गैंगरेप... ऐसे दरिंदगी का शिकार बनी युवती
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इस वारदात में दरिंदगी का शिकार होने वाली पीड़िता केरल की रहने वाली है. वो रात के समय अपने एक दोस्त के घर से निकल कर दूसरे दोस्त के घर जा रही थी. इसके लिए उसने ऐप बेस्ड बाइक ड्रॉप सर्विस का इस्तेमाल किया था. लेकिन बाइक राइडर उसे किसी दूसरी सुनसान जगह पर ले गया
आईटी हब कहे जाने वाला कर्नाटक का बेंगलुरु शहर एक बार फिर गैंगरेप की वारदात से शर्मसार हो गया. इस घिनौनी वारदात को एक ऐप बेस्ड बाइक सर्विस के चालक ने अपने साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया. हालांकि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस वारदात के लिए जिम्मेदार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मगर वारदात के बाद एक सवाल उठ रहा है कि क्या ये बेंगलुरु में ऐप बेस्ड राइड सर्विस महिलाओं के लिए सेफ नहीं हैं?
इस वारदात के दौरान दरिंदगी का शिकार होने वाली पीड़िता केरल की रहने वाली है. वो रात के समय अपने एक दोस्त के घर से निकल कर दूसरे दोस्त के घर जा रही थी. इसके लिए उसने ऐप बेस्ड बाइक ड्रॉप सर्विस का इस्तेमाल किया था. लेकिन बाइक राइडर उसे किसी दूसरी सुनसान जगह पर ले गया. वहां बाइक चालक का एक दोस्त और भी आया और फिर दोनों ने मिलकर उस लड़की के साथ बलात्कार किया.
यह वारदात 25 से 26 नवंबर की दरम्यानी रात की है. पुलिस कमिश्नर प्रताप रेड्डी ने बताया कि यह बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक सिटी की सीमा में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. जिसमें 22 वर्षीय एक लड़की देर रात रैपिडो पर एक दोस्त के घर से दूसरे दोस्त के घर जा रही थी. उसी दौरान ड्राइवर ने देखा कि लड़की पूरी तरह से होश में नहीं थी. इसी बात का फायदा उठाकर वो लड़की को इलेक्ट्रॉनिक सिटी में किसी सुनसान जगह पर ले गया और वहां अपने एक दोस्त के साथ उसका बलात्कार किया.
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, पुलिस को छानबीन के दौरान पता चला है कि एक अन्य महिला ने भी आरोपियों की मदद की और पीड़िता के दोस्त को बलात्कार के बारे में भी नहीं बताया. दर्द बढ़ जाने पर रेप पीड़िता अगले दिन दोपहर में अस्पताल पहुंची तो तब उसे बलात्कार के बारे में पता चला और पुलिस को इत्तिला दी. पुलिस ने जानकारी मिलते ही एफआईआर दर्ज कर ली.
इसके बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ऐप की मदद से आरोपी चालक को ट्रेस कर लिया और दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कमिश्नर ने बताया कि चूंकि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है, इसलिए फोरेंसिक टीम को जांच में शामिल किया गया है. फोरेंसिक टीम ने सबूत इकट्ठा करने के लिए मौका-ए-वारदात पर जाकर जांच पड़ताल की. इस मामले की निगरानी डीसीपी खुद कर रहे हैं.
पुलिस कमिश्नर का दावा है कि वे जल्द ही इस केस की जांच पूरी कर लेंगे और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे. पुलिस आरोपियों की पृष्ठभूमि भी जांच रही है. पुलिस को पता चला है, उनमें से एक आरोपी के नाम पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. अपराधियों में से एक मोबाइल फोन स्टोर में काम करता है और दूसरा रैपिडो ड्राइवर है.

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