
Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी के दिन स्टूडेंट्स जरूर करें ये उपाय, बुद्धि और ज्ञान में होगी बढ़ोतरी
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Basant Panchami 2022 बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है. इस दिन सरस्वती माता की सफेद या पीले वस्त्र, पीले फूल, गुलाल, अक्षत् आदि से पूजा की जाती है. इस दिन पूजा करने से मां शारदा प्रसन्न होती हैं और भक्तों के सभी कष्टों को दूर करती हैं.
Basant Panchami 2022: हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 5 फरवरी 2022 यानी आज मनाया जा रहा है. बसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित होता है और इस दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. माता सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला, विज्ञान और शिल्प-कला की देवी माना जाता है. इस दिन को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है. बसंत पंचमी के दिन किसी भी समय सरस्वती पूजा की जा सकती है लेकिन पूर्वाह्न का समय पूजा के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










