
Bangladesh Election 2026: तारिक रहमान की जीत, केयरटेकर 'यूनुस' की विदाई; अब आगे क्या प्लान?
ABP News
Bangladesh Politics: बांग्लादेश इस समय बड़े राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है. बांग्लादेश के सामने चुनौती है कि वह शांतिपूर्ण बदलाव, भरोसेमंद शासन और स्थिर भविष्य की ओर कैसे बढ़ता है.
Bangladesh Politics: बांग्लादेश इस समय अपने इतिहास के एक बड़े मोड़ पर खड़ा है. अवामी लीग के पतन के बाद देश की जिम्मेदारी नोबेल शांति पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस के हाथों में आई. मुख्य सलाहकार बनते ही उन्होंने टूटी हुई व्यवस्था को संभालने और ऐसे चुनाव की राह बनाने की बात कही, जो देश का भविष्य तय करेगा. चुनाव में तारिक रहमान की बड़ी जीत के बाद अब यूनुस को पद छोड़ना होगा. इसके साथ ही देश के नए सिरे से निर्माण की कोशिश शुरू होगी.
यूनुस का सफर
डॉ. यूनुस दुनिया भर में गरीबों के लिए छोटे कर्ज यानी माइक्रोक्रेडिट की सोच लाने के लिए जाने जाते हैं. 1974 के भयानक अकाल के बाद उन्होंने महसूस किया कि सिर्फ पढ़ाना काफी नहीं है, गरीबों को आगे बढ़ाने के लिए पैसा भी चाहिए. इसी सोच से ग्रामीण बैंक की शुरुआत हुई. केयरटेकर पीएम बनने के बाद उनके सामने देश की सरकारी मशीनरी को ठीक करने की बड़ी चुनौती थी. अगस्त 2024 में प्रदर्शनकारियों के बुलावे पर वे निर्वासन से लौटे और बोले कि उन्हें पूरी तरह से टूटी हुई व्यवस्था मिली है. उनका साफ कहना था कि देश को फिर से तानाशाही की ओर नहीं जाने देना है.
सुधार और चुनाव की दिशायूनुस सरकार ने कहा कि सिर्फ चुनाव करा देना काफी नहीं है, चुनाव के बाद देश को सही रास्ते पर भी ले जाना होगा. इसके लिए एक “सुधार चार्टर” तैयार किया गया. 19 जनवरी को देश को संबोधित करते हुए यूनुस ने जनमत संग्रह का समर्थन करने की अपील की और कहा कि अगर लोग “हां” में वोट देंगे तो नए बांग्लादेश का रास्ता खुलेगा.













