
Ayushman Bharat: इस सरकारी स्कीम से 3.8 करोड़ लोगों को मिला मुफ्त इलाज, कौन उठा सकता है लाभ?
AajTak
Ayushman Bharat Golden Card: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में देश के लगभग 4 करोड़ लोगों को इस योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ मिला है. इस स्कीम के लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकता है.
सरकार देश के गरीब तबके के लोगों को मुफ्त में इलाज उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (Ayushman Bharat Yojana) चला रही है. इसके तहत केंद्र सरकार लोगों को 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में कराने की सुविधा प्रदान करती है. इस स्कीम के तहत अब तक 3.8 करोड़ लोग मुफ्त इलाज करा चुके हैं. सरकार ने इस स्कीम की शुरुआत साल 2018 में की थी. पिछले दिनों इस स्कीम के चार साल पूरे होने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया (Dr Mansukh Mandaviya) ने आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के साथ बातचीत की थी.
सरकार देती है गोल्डन कार्ड
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में देश के लगभग 4 करोड़ लोगों को इस योजना के तहत मुफ्त इलाज का लाभ मिला है. इस स्कीम के लिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकता है. आयुष्मान भारत सरकार की एक हेल्थ स्कीम है, जिसके तहत सरकार आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड (Ayushman Bharat Golden Card) लोगों को प्रदान करती है.
कौन कर सकता है आवेदन?
इस स्कीम के तहत आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर नागरिक अस्पतालों में जाकर मुफ्त में अपना इलाज करवा सकते हैं. आयुष्मान भारत स्कीम के लिए आवेदन करने वाले की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए. अगर कोई खुद से इस स्कीम में के लिए आवेदन कर रहा है, तो उसका नाम SECC – 2011 में होना चाहिए. SECC का मतलब सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना है.
अगर आप इस स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको अपनी पात्रता चेक करनी होगी. इसके लिए आपको सबसे पहले mera.pmjay.gov.in की वेबसाइट पर जाना होगा.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










