
America से आर-पार के मूड में है North Korea, तानाशाह Kim Jong Un ने दिए लड़ने को तैयार रहने के आदेश
Zee News
जो बाइडेन उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक अलग रणनीति पर काम कर रहे हैं. हालांकि, इस रणनीति का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि बाइडेन पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘प्रत्यक्ष बैठकों’ और बराक ओबामा की ‘धैर्य’ वाली नीतियों के इतर कोई बीच का रास्ता निकालेंगे.
प्योंगयांग: उत्तर कोरिया और अमेरिका (North Korea & America) के बीच आने वाले दिनों में तनाव अपने चरम पर पहुंच सकता है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने अपनी सरकार को US के साथ टकराव के लिए पूरी तरह तैयार रहने के आदेश दिए हैं. ये खबर ऐसे समय में आई है जब हाल ही में अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने उत्तर कोरिया से अपने परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Program) को छोड़कर बातचीत की मेज पर वापस लौटने का आग्रह किया था. CNBC की रिपोर्ट में कोरियाई सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के हवाले से बताया गया है कि किम जोंग उन (Kim Jong Un) ने गुरुवार को राजधानी प्योंगयांग में चल रही सत्तारूढ़ पार्टी की बैठक के दौरान यह आदेश जारी किए. बैठक में इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों के जवाब में देश को क्या कदम उठाने चाहिए. इस दौरान, किम ने टकराव और वार्ता दोनों विकल्पों पर बात की, लेकिन उनका जोर टकराव पर ज्यादा था.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



