
AI से बनाया गाना और म्यूज़िक तो कौन होगा उसका मालिक? ये है जवाब
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी AI की रीच आजकल हर कहीं पहुंच गई है. Generative Ai की मदद से जहां से आप लेटर, कविता और कहानी आदि लिख सकते हैं. वहीं इसकी मदद से कुछ ऐप म्यूजिक कंपोज करने की सुविधा देते हैं. अब ऐसे में सवाल आता है कि AI के जनरेटेड कंटेंट पर किसका अधिकार है और कौन इस पर अपना मालिकाना हक जता सकता है. आइए इसके बारे में जानते हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) की मदद से टेक्स्ट और इमेज आदि जनरेट कर सकते हैं और कई लोग उन्हें इस्तेमाल भी कर रहे हैं. अब कई ऐसे AI टूल भी हैं, जिनकी मदद से यूजर्स एक गाना या फिर म्यूजिक तैयार कर सकते हैं.
अन्य Generative AI टूल्स की तरह दो प्रोडक्ट Suno और Udio ऐसे हैं, जो यूजर्स के प्रॉम्प्ट (एक तरह की कमांड) को म्यूजिक और गाने के आउटपुट में कंवर्ट कर देते हैं.
उदाहरण के रूप में समझें तो Suno पर एक प्रॉम्प्ट दिया कि एक रॉक सॉन्ग बनाओ, जिसमें मेरे पालतु कुत्ते ने मेरा होमवर्क खा लिया. इसके बाद Suno एक ऑडियो फाइल जनरेट कर देगा, जिसमें इंस्ट्रूमेंट और वोकल को कॉम्बीनेशन है. इस आउटपुट को MP3 फाइल फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं.
इतना ही नहीं यूजर्स AI को प्रॉम्प्ट देकर लिरिक्स लिखने के लिए भी कह सकता है. हालांकि कई ऐप्स सलाह देते हैं कि जब लिरिक्स और म्यूजिक दोनों को जनरेट करने को कहा जाता है, तो Apps ज्यादा बेहतर रिजल्ट देते हैं.
अब सवाल आता है कि AI की मदद से तैयार किए गए म्यूजिक और लिरिक्स का मालिक कौन है, उस पर किसका कॉपीराइट लागू होगा. यह एक जरूरी सवाल है, आइए इसके बारे में जानते हैं.
Suno के फ्री और पेड वर्जन मौजूद हैं. जो लोग Suno का फ्री वर्जन इस्तेमाल करते हैं, उसमें Suno कंटेंट का मालिकाना हक अपने पास रख लेती हैं. हालांकि कई यूजर्स इस प्लेटफॉर्म के साउंड का इस्तेमाल कानूनी दायरे में रहकर करते हैं. इसे वे कमर्शियली तौर पर इस्तेमालनहीं कर सकते हैं. साथ ही इसमें Suno को क्रेडिट देना होगा. यह ऐप अमेरिका बेस्ड है.

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