
AI समिट के बीच हिमाचल के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का बड़ा बयान, 'नेताओं की जगह वैज्ञानिकों को...'
ABP News
Himachal Pradesh News: राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने तकनीक और अध्यात्म के संगम पर विपक्ष को निशाने पर लिया है. राज्यपाल ने कहा कि आज भारत AI के क्षेत्र में चीन की बराबरी करने की स्थिति में आ गया है.
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने तकनीक और अध्यात्म के संगम पर जोर देते हुए विपक्ष को जमकर निशाने पर लिया है. राष्ट्र कथा में बतौर कथा वाचक पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य मौजूद रहे, इस दौरान राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि AI आज पूरे विश्व की अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है और भारत इस क्षेत्र में अब चीन की बराबरी करने की स्थिति में आ गया है. उन्होंने तकनीक के विरोध को प्रगति में बाधक बताया है.
कांग्रेस द्वारा डिजिटल इंडिया और AI का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिए जाने के दावों पर राज्यपाल ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि देश की किसी भी तकनीकी उपलब्धि का श्रेय राजनेताओं के बजाय उन वैज्ञानिकों को मिलना चाहिए, जिन्होंने अपनी मेहनत से देश को इस मुकाम पर पहुंचाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रेय की राजनीति के बजाय प्रतिभा के सम्मान की संस्कृति विकसित होनी चाहिए.
राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त सुविधाओं के वादों (रेवड़ी कल्चर) पर बोलते हुए राज्यपाल ने सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी का पुरजोर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए लोगों को 'रेवड़ी' यानी मुफ्त की चीजें देने के बजाय 'नौकरी और स्वरोजगार' के अवसर प्रदान करने चाहिए. युवाओं के हाथ में कौशल होगा तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा.
मंच से अपने संबोधन में शिव प्रताप शुक्ला ने विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने कहा, "अगर किसी को राजनीति ही करनी है, तो राम के नाम पर करो, क्योंकि राम के बिना भारत की कल्पना भी संभव नहीं है. राम हैं तो सब कुछ है."













