
AI का कमाल! 18 साल में पहली बार बोली लकवाग्रस्त महिला, देखें VIDEO
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वैज्ञानिकों को इसी तरह की अन्य सफलताएं भी देखने को मिल रही हैं. अब एक महिला 18 साल बाद बोलने में सक्षम हो पाई है. 48 साल की ऐन जॉनसन को तब ब्रेनस्टेम स्ट्रोक हुआ था, जब वो 30 साल की थीं.
लकवे से पीड़ित लोगों को चलने में सक्षम बनाने से लेकर जेनेटिक प्रोफाइल का विश्लेषण करने तक, AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) मेडिकल साइंस के क्षेत्र में काफी प्रगति कर रहा है. कुछ महीने पहले ही नीदरलैंड का एक 40 साल का शख्स AI की मदद से 40 साल बाद चलने में सक्षम हो सका. अब वैज्ञानिकों को इसी तरह की अन्य सफलताएं भी देखने को मिल रही हैं. इस महिला के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. वो 18 साल बाद बोलने में सक्षम हो पाई है. 48 साल की ऐन जॉनसन को तब ब्रेनस्टेम स्ट्रोक हुआ था, जब वो 30 साल की थीं. इससे वो लकवाग्रस्त हो गईं. वो तभी से अपने मुंह से एक शब्द नहीं बोल पाई थीं. लेकिन अब AI की मदद उनकी जिंदगी बदल गई है. उनके ब्रेन में 250 से अधिक इलेक्ट्रोड्स इम्प्लांट किए गए. इन इलेक्ट्रोड्स ने मस्तिष्क के उस क्षेत्र को कवर किया, जो स्पीच प्रोसेसिंग से जुड़ा हुआ है. इन्होंने उसके मस्तिष्क के संकेतों को इंटरसेप्ट किया और कंप्यूटर पर भेजा, जिसमें ऐन का डिजिटल अवतार दिख रहा था. कौन सा अवतार चाहिए, इसका फैसला भी ऐन ने खुद लिया.
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ऐन की आवाज कॉपी की गई
इसका वीडियो यूट्यूब पर शेयर किया गया है. जिसमें देखा जा सकता है कि ऐन जो कुछ भी सोच रही हैं, उसे अवतार किस तरह से बोल रहा है. ये आवाज कुछ साल पहले रिकॉर्ड की गई ऐन की आवाज की एक कॉपी का इस्तेमाल करके बनाई गई है. उन्होंने अपनी शादी के दिन 15 मिनट की स्पीच दी थी. स्क्रीन पर दिखाई देने वाला डिजिटल अवतार भी पलक झपका रहा है और इसे अधिक सजीव बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के भावों का उपयोग किया गया है.
ऐन ने स्पीच के लिए अपने मस्तिष्क के संकेतों को पहचानने के लिए सिस्टम के AI एल्गोरिदम को ट्रेन करने के लिए टीम के साथ काम किया. इन सेशंस में 1024 शब्दों के साथ विभिन्न वाक्यांशों को दोहराना शामिल था. ये शब्द तब तक बार-बार दोहराए जाते रहे, जब तक कि कंप्यूटर ने स्पीच के सभी बेसिक साउंड्स से जुड़े मस्तिष्क एक्टिविटी पैटर्न को नहीं पहचान लिया.
कई साल तक फिजिकल थेरेपी ली

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