
8 दिनों बाद फिर गुलजार हुआ बेंगलुरु का रामेश्वरम कैफे, 1 मार्च को हुआ था धमाका
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बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में 1 मार्च को धमाका होने के बाद अब इसे एक बार फिर से आम लोगों के लिए खोल दिया गया है. शिवरात्रि के मौके पर कैफे में पूजा की गई और शनिवार को इसमें ग्राहक सेवा फिर से शुरू कर दी गई. हालांकि इस बार कैफे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और एंट्री गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं.
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शहर के चर्चित रामेश्वर कैफे में आठ दिन पहले हुए बम धमाके के बाद एक बार फिर से ये लोगों की सेवा के लिए खुल गया है. कैफे में 8 दिन पहले हुए विस्फोट में 10 लोग घायल हो गए थे. रामेश्वरम कैफे ने शनिवार को एक बार फिर अपने ग्राहकों को सेवा देना शुरू कर दिया. कड़े सुरक्षा इंतजामों के साथ कैफे को खोला गया है.
बता दें कि 1 मार्च को कैफे के ब्रुकफील्ड आउटलेट पर लो इंटेनसिटी का धमाका हुआ था जिसमें कई ग्राहक और होटल कर्मचारी घायल हो गए थे. महाशिवरात्री के अवसर पर कैफे को बड़ी धूमधाम से फिर से खोला गया था लेकिन ग्राहक सेवा की शुरुआत शनिवार से की गई है.
प्रशासन के मुताबिक,ग्राहकों की जांच के लिए कैफे के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं. एंट्री की अनुमति देने से पहले कर्मचारी प्रत्येक ग्राहक की हैंडहेल्ड डिटेक्टरों से जांच करेंगे. सभी ग्राहकों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और कर्मचारी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेंगे.
शनिवार की सुबह, द रामेश्वरम कैफे के सह-संस्थापक और सीईओ, राघवेंद्र राव ने अपने कर्मचारियों के साथ ग्राहकों का स्वागत करने से पहले राष्ट्रगान गाया. इसके बाद ग्राहकों को गेट पर लगाए गए मेटल डिटेक्टर से गुजरना पड़ा.
ग्राहकों को कैफे के अंदर लाइन में खड़े होकर ऑर्डर देते हुए देखा गया. सुबह 8 बजे तक, कैफे अपने सामान्य व्यवसाय पर वापस आ गया था और हमेशा की तरह ग्राहकों को नाश्ता परोस रहा था.
इसके मालिक राघवेंद्र राव ने कहा, 'हमने अपनी सुरक्षा टीम को मजबूत किया है और पूर्व सैनिकों को शामिल करके एक अलग पैनल बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हमारी सभी शाखाओं में तैनात सुरक्षा गार्डों को प्रशिक्षित कर सकें.'

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