
7 साल में भीड़ ने 28 लोगों को उतारा मौत के घाट, ये रहा मॉब लिंचिंग का पूरा बही-खाता
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जयपुर की 'महंगाई हटाओ रैली' में अपने आपको हिंदू और बीजेपी को हिंदुत्ववादी बताने के बाद राहुल गांधी ने लिंचिंग पर चुनावी मौसम में बीजेपी को घेरा है. मॉब लिंचिंग का मतलब है- भीड़तंत्र के हाथों पीट-पीटकर हत्या.
राहुल गांधी ने मंगलवार को ट्वीट किया कि 2014 के पहले लिंचिंग शब्द का वजूद नहीं था. कांग्रेस नेता के इस बयान को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस छिड़ गई है. राहुल के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मोर्चा खोल दिया है. इसके जवाब में कांग्रेस को बीजेपी 1984 में हुए सिख दंगों की याद दिला रही है. अब कांग्रेस और बीजेपी में इस बात की सियासी तलवार खिंच गई है कि किसकी सरकार के वक्त लिंचिंग ज्यादा हुई. आखिर मॉब लिंचिंग क्या है और किन वजहों से इसे अंजाम दिया जाता है? जानिए, Mob Lynching पूरी खाता-बही... जयपुर की 'महंगाई हटाओ रैली' में अपने आपको हिंदू और बीजेपी को हिंदुत्ववादी बताने के बाद राहुल गांधी ने लिंचिंग पर चुनावी मौसम में बीजेपी को घेरा है. मॉब लिंचिंग का मतलब है- भीड़तंत्र के हाथों पीट-पीटकर हत्या. पुरानों मामलों पर गौर करने पर समझ आया कि देश में लिंचिंग की 3 बड़ी वजह हैं- गोहत्या से जुड़े मामले, बच्चों को चुराने की अफवाह और सामान्य चोरी की वारदात.

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आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.










