
600 सोने की ईंटें, एक एयरपोर्ट और फिंगरप्रिंट से सुराग... ये है दुनिया की सबसे बड़ी चोरी की Inside Story
AajTak
6 हजार 600 गोल्ड बार यानी सोने की ईंटों का वजन 900 पाउंड यानी लगभग 400 किलो है और खुले बाजार में इसकी कीमत करीब 20 मिलियन कैनेडियन डॉलर यानी करीब 122 करोड़ रुपये के आस-पास आंकी गई है. इसमें अगर कैनेडियन डॉलर वाली करंसी को भी जोड़ दिया जाए तो पूरा कंसाइनमेंट करीब 132 करोड़ रुपये का बनता है.
उस विमान ने ज्यूरिख शहर से टोरंटो के लिए उड़ान भरी थी. वो विमान बेहद खास था. क्योंकि उस विमान में यात्री नहीं, बल्कि 400 किलो सोना था. विमान के टोरंटो में लैंड करने के बाद सोने से भरा कंटेनर वहीं एयरपोर्ट पर कार्गो के गोदाम में रख दिया गया. और वहीं अंजाम दी गई कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी. फिर इसके बाद पुलिस ने अपना सबसे बड़ा ऑपरेशन शुरू किया. जिसका नाम था 'प्रोजेक्ट 24 कैरेट.'
17 अप्रैल 2023, शाम 5 बजकर 56 मिनट स्विजरलैंड की राजधानी ज्यूरिख से उड़ान भर कर एयर कनाडा का एक कार्गो प्लेन कनाडा के टोरंटो हवाई अड्डे पर लैंड करता है. इस प्लेन में स्विजरलैंड की ही एक मेटल रिफाइनिंग कंपनी के 6 हजार 600 सोने की ईंटें और 1.9 मिलियन कैनेडियन डॉलर की करंसी भरी है, जिन्हें वैंकुवर बुलियन एंड करेंसी एक्सचेंज तक पहुंचाया जाना है. 6 हजार 600 गोल्ड बार यानी सोने की ईंटों का वजन 900 पाउंड यानी लगभग 400 किलो है और खुले बाजार में इसकी कीमत करीब 20 मिलियन कैनेडियन डॉलर यानी करीब 122 करोड़ रुपये के आस-पास आंकी गई है. इसमें अगर कैनेडियन डॉलर वाली करंसी को भी जोड़ दिया जाए तो पूरा कंसाइनमेंट करीब 132 करोड़ रुपये का बनता है. जाहिर है एयर कनाडा के इस प्लेन में लदी ये चीज़ें बेहद क़ीमती हैं और इनकी देखभाल और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी थी.
17 अप्रैल 2023, शाम 6 बजकर 32 मिनट सफेद रंग का एक बॉक्स ट्रक एयर कनाडा के उसी वेयर हाउस यानी गोदाम में पहुंचता है, जहां एयर कनाडा के उस कार्गो प्लेन से उतारा गया वो कीमती शिपमेंट रखा गया है. ट्रक के ड्राइवर के पास एक एयर-वे बिल मौजूद है, जिसमें ज्यूरिख से आई उस शिपमेंट का ब्यौरा दर्ज है. वेयर हाउस में मौजूद लोगों को वो अपना बिल थमाता है और बताता है कि ज्यूरिख से भेजे गए उस शिपमेंट में दुनिया के बेहतरीन किस्म का सी-फूड यानी फाइनेस्ट अटलांटिक सोलोमन मछलियां भरी हैं, जिन्हें उसे आगे डिलिवर करना है. वेयरहाउस में मौजूद कर्मचारियों को दूर-दूर तक शिपमेंट के अंदर मौजूद साजो-सामान के बारे में कोई जानकारी नहीं है. वो ड्राइवर के पास मौजूद एयर-वे बिल के साथ बाकी दस्तावेजों का मिलान करते हैं और ज्यूरिख से आए उस शिपमेंट को ड्राइवर के हवाले कर देते हैं. यानी ज्यूरिख से आया सोने की ईंटों और करंसी वाला वो शिपमेंट मछलियों के धोखे में सफेद रंग के उस बॉक्स ट्रक में लोड कर दिया जाता है. और अगले ही पल वेयर हाउस से निकल कर तमाम चेक-नाकों को क्रॉस करता हुआ वो ट्रक बाहर की दुनिया में गुम हो जाता है.
17 अप्रैल 2023, रात 9 बजकर 30 मिनट इस कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है, जब ज्यूरिख से भेजे गए उस शिपमेंट को रिसीव करने के लिए ब्रिंक सिक्योरिटी नाम की एक कंपनी का बख्तरबंद ट्रक एयर कनाडा के उसी वेयर हाउस में पहुंचता है. बख्तरबंद ट्रक का वेयर हाउस में पहुंचना लाजिमी भी है, क्योंकि ज्यूरिख की वो शिपमेंट है ही काफी कीमती. सोने की ईंटों और करंसी से भरे उस शिपमेंट को पूरी हिफाजत के साथ वैंकुवर के बुलियन एंड करंसी एक्सचेंज तक पहुंचाया जाना है. लेकिन एयर कनाडा के वेयर हाउस में मौजूद तमाम मुलाजिमों को तब ज़ोर का झटका लगता है, जब उन्हें वेयर हाउस में ये शिपमेंट ढूंढे नहीं मिलता. ये कोई मामूली बात नहीं है. मामला 132 करोड़ रुपये की कीमत के सोने और करंसी के गुम हो जाने का है.
दुनिया की छठी सबसे बड़ी चोरी लिहाज़ा, देखते ही देखते वेयर हाउस से लेकर एयर कनाडा के दफ्तरों में भूचाल आ जाता है. कुछ देर के लिए वेयर हाउस में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को ये समझ में नहीं आता कि आखिर ऐसा कैसे हो गया. लेकिन फिर जल्द ही उन्हें ये अहसास हो जाता है कि असल में उनके साथ सफेद बॉक्स ट्रक के उस ड्राइवर ने ऐसा खेल कर दिया है, जो बहुत भारी पड़ने वाला है. वो सी-फूड बता कर करीब तीन घंटे पहले ज्यूरिख से आया शिपमेंट उन्हीं के हाथों से लूट कर ले जा चुका है. और इसके लिए उसने फेक डॉक्यूमेंट्स यानी नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है. यानी ये मामला एक ऐसी महाचोरी का है, जिसकी भरपाई करने में दुनिया के बड़े से बड़े रईस के भी पसीने छूट सकते हैं. अमीर से अमीर कारोबारी या कंपनियों के हाथ खड़े हो सकते हैं. हिसाब किताब लगाने पर पता चलता है कि ये मामला कनाडा में हुई अब तक की सबसे बड़ी जबकि दुनिया की छठी सबसे बड़ी चोरी का है.
18 अप्रैल 2023, रात 2 बजकर 43 मिनट आनन-फानन में कनाडा की पील पुलिस को इस महाचोरी की खबर दी जाती है. और इसी के साथ कनाडा की पुलिस मामले की जांच शुरू कर देती है. शुरुआती तफ्तीश के बाद पुलिस उस सफेद बॉक्स ट्रक को लोकेट करने और चोरों को पकड़ने के लिए एक ऑपरेशन की शुरुआत करती है, जिसे नाम दिया जाता है प्रोजेक्ट 24 कैरेट. और पुलिस की तफ्तीश की शुरुआत सीसीटीवी कैमरों से ही होती है. पुलिस एयरपोर्ट के वेयर हाउस से निकलने के बाद आगे बढ़ने वाले तमाम रास्तों की सीसीटीवी कैमरों की स्कैनिंग शुरू करती है. लेकिन ये काम कोई आसान काम नहीं है. क्योंकि हाई-वे पर फोकस्ड सीसीटीवी कैमरों की तादाद बहुत ज्यादा नहीं है. और जिन मकानों या दुकानों में हाई-वे की तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे भी हैं, उनमें भी उस सफेद ट्रक की सिर्फ एक झलक ही दिखाई दे सकती है.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है जो पहले वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को मिला था. मचाडो ने यह पुरस्कार ट्रंप को सौंपा और ट्रंप ने इसे खुशी-खुशी स्वीकार किया. यह घटना राजनीतिक जगत में खास तूल पकड़ रही है और दोनों नेताओं के बीच इस सम्मान के आदान-प्रदान ने चर्चा का विषय बना है. ट्रंप के लिए यह एक बड़ा सम्मान है जिसका उन्होंने खुले दिल से स्वागत किया.








