
400 यूनिट बिजली फ्री, महिलाओं को हर महीने 3000... दिल्ली चुनाव में कांग्रेस कर सकती है ये वादे
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आम आदमी पार्टी के सबसे बड़े नेता अरविंद केजरीवाल पहले से ही मैदान में हैं. बीजेपी के सांसद और पदाधिकारी भी झुग्गी प्रवास कर रहे हैं. अब कांग्रेस के मैनिफेस्टो को लेकर भी संकेत आया है.
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने भी कमर कसनी शुरू कर दी है. दिल्ली कांग्रेस ने चुनाव घोषणापत्र के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसे लेकर सोमवार को दिल्ली कांग्रेस के नेताओं की सोमवार को मीटिंग हुई. इस बैठक के बाद संकेत हैं कि कांग्रेस महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपये के साथ ही 400 यूनिट फ्री बिजली का वादा अपने चुनाव घोषणापत्र में कर सकती है. दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हम ऐसे वादे नहीं करेंगे जिन्हें पूरा न किया जा सके. हम केवल बात करने में विश्वास नहीं रखते.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक देवेंद्र यादव ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), दोनों ही पार्टियां झूठे वादों के सहारे दिल्ली की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं. इस बार दिल्ली के लोग इनके झांसे में नहीं आएंगे. उन्होंने ये भी कहा कि दोनों पार्टियां विधानसभा चुनावों को देखते हुए खोखले वादे और बयानबाजी कर रही हैं. देवेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी और आम आदमी पार्टी का पिछले 10 साल का अतीत अधूरे वादों, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का रहा है.
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दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि घोषणापत्र में कौन से वादे शामिल किए जाने चाहिए, हमने इसे लेकर लोगों से भी बातचीत की है, उनकी राय ली है. उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान को न्याय और समानता के सिद्धांत पर चोट बताते हुए कहा कि दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ता इसके विरोध में दिल्ली के हर जिले और ब्लॉक में पदयात्रा करेंगे. देवेंद्र यादव ने अमित शाह से तत्काल माफी मांगने और गृह मंत्री पद से इस्तीफा देने की भी मांग की.
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गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी की ओर से राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद दिल्ली की जनता के बीच हैं तो वहीं बीजेपी के सांसद और अन्य पदाधिकारी भी झुग्गी प्रवास कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी और बीजेपी की चुनावी सक्रियता के बीच विकल्प बनने की कोशिशों में जुटी कांग्रेस भी अब एक्टिव मोड में आती दिख रही है. बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में कुल 70 विधानसभा सीटें हैं जिनके लिए फरवरी तक चुनाव होने हैं. दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल फरवरी में समाप्त हो रहा है.

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