
3 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल से भड़की आग, गेम जोन के पास नहीं था फायर डिपार्टमेंट का NOC... राजकोट अग्निकांड में बड़े खुलासे, 24 ने गंवाई जान
AajTak
राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देगी. इस संबंध में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है.अधिकारियों ने बताया कि शाम करीब साढ़े चार बजे गेमिंग एक्टिविटी के लिए बनाए गए फाइबर डोम में आग लग गई थी.
गुजरात के राजकोट में टीआरपी (TRP) गेम जोन में भीषण आग लगने से 24 लोगों की मौत हो गई है. इसमें 9 बच्चे भी शामिल हैं. वहीं, गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने 24 मौत की पुष्टि की है. 24 मृतकों मे 9 बच्चे भी शामिल हैं. आग कैसे लगी इसकी कोई जानकारी नहीं है. वहीं इस अग्निकांड पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत सभी राजनीतिक हस्तियों ने दुख जाहिर किया है.
राज्य सरकार ने दिया मुआवजा इसके साथ ही राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये मुआवजा देगी. इस संबंध में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया है.अधिकारियों ने बताया कि शाम करीब साढ़े चार बजे गेमिंग एक्टिविटी के लिए बनाए गए फाइबर डोम में आग लग गई थी. इसके बाद से खबर लिखे जाने तक टीआरपी गेम जोन में पांच घंटे बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी था.
मालिक, मैनेजर समेत तीन गिरफ्तार राजकोट गेम जोन के संचालक, मालिक समेत 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. वरिष्ठ IPS अधिकारी सुभाष त्रिवेदी की अगुवाई में 5 अधिकारियों की SIT जांच करेगी. सामने आया है कि इस गेमिंग जोन का मालिक युवराज सिंह सोलंकी है और नितिन जैन मैनेजर है. इन दोनों के अलावा पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है.
मामले की जांच के लिए SIT गठित गेम जोन अग्निकांड मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने SIT जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए 5 अफसरों की SIT टीम गठित की गई है. वरिष्ठ IPS अधिकारी सुभाष त्रिवेदी की अगुवाई में 5 अधिकारियों की टीम मामले की SIT जांच करेगी. मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने X पर पोस्ट में कहा कि, राजकोट में गेम जोन में आग लगने की घटना में शहर प्रशासन को तत्काल बचाव और राहत कार्य करने का निर्देश दिया गया है.
भीषण आग के कारण ढह गया स्ट्रक्चर, दबे लोग निकल नहीं पाए अधिकारियों के मुताबिक भीषण आग के कारण ढांचा ढह गया और उसमें लोग दब गए. इसके कारण यह अग्निकांड और भयावह हो गया. ढांचे में दबे लोग निकल नहीं सके और उसमें से कई लोगों की जान चली गई. मरने वालों में 9 बच्चे भी शामिल हैं. जब आग लगी तब बच्चों सहित कई लोग खेल खेल रहे थे.

आज सबसे पहले आपको ये बताएंगे कि हाफ सीजफायर' के बाद अमेरिका की बातचीत ईरान के किस Respected Leader से चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप बार-बार इस बात का दावा कर रहे हैं. लेकिन आज ईरान ने पूछा है कि वो Respected Leader कौन है. और Respected Leader से बातचीत चल रही है तो पाकिस्तान के जरिये 15 शर्तों का प्रस्ताव क्यों भेजा है. उससे भी बड़ी बात ये है कि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को कूड़ेदान में फेंकते हुए सुपर पावर अमेरिका को अपनी शर्तें बता दी हैं. और कहा है कि सीजफायर छोड़ो, अब ईरान तभी रुकेगा जब अमेरिका उसकी 5 शर्तें मानेगा. इन शर्तों में ईरान ने कहा कि उसे युद्ध में हुए नुकसान का पूरा हर्जाना मिलना चाहिए. ईरान की टॉप लीडरशिप पर हमले बंद होने चाहिए, सारे प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए. ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का कानूनी अधिकार मिलना चाहिए.

आज विशेष में बात इजरायल की. जहां ईरान के हमलों की इंटेंसिटी बढ़ी हुई है. ईरान लगातार इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहा है. लेकिन इजरायल ने अपना सिस्टम ही ऐसा डेवेलप किया हुआ है कि ईरान के भीषण हमलों के बाद भी इजरायल में इतना नुकसान नहीं हो रहा है. भले ही ईरान के हमलों में इमारतें तबाह हो रही हों, गाड़ियों की क्षति हो रही हो. लेकिन लोगों की जान बची हुई है. इजरायल ने कैसे ईरान के हमलों से बचने की तैयारी की हुई है.

सीजेआई सूर्यकांत एक मामले की सुनवाई के दौरान उस वक्त नाराज हो गए, जब याचिकाकर्ता निखिल कुमार पुनिया के पिता ने CJI के भाई को फोन कर दिया. मामला बौद्ध धर्म अपनाकर अल्पसंख्यक आरक्षण मांगने से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसे 'नए तरह का धोखा' बताते हुए जांच के आदेश दे चुका है. सीजेआई ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए अवमानना की चेतावनी दी.










