
25%, 34% या 50%... ट्रंप कैसे तय करते हैं किस देश पर कितना टैरिफ लगेगा? जानिए पूरा फॉर्मूला
AajTak
कुछ समय पहले व्हाइट हाउस की तरफ से एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसके तहत ये बताया गया था कि देशों पर टैरिफ कैसे तय हो रहा है. ये कोई मनमाना टैरिफ नहीं है, बल्कि टैरिफ कैलकुलेशन (Tariff Calculation) के पीछे एक सिंपल मैथ है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने जबसे अमेरिका में सत्ता संभाला है, तबसे टैरिफ को लेकर दुनियाभर में हलचल मचा रखा है. कभी ट्रंप चीन पर टैरिफ लगातार लगाते चले जाते हैं तो कभी भारत पर अचानक से 25 फीसदी Tariff का ऐलान कर देते हैं, लेकिन आपने कभी सोचा है कि ये टैरिफ कैसे लगाया जाता है, क्या ट्रंप मनमाने तरीके से टैरिफ का ऐलान करते हैं या फिर इसका कोई फॉर्मूला भी है?
कुछ समय पहले व्हाइट हाउस की तरफ से एक रिपोर्ट पेश की गई थी, जिसके तहत ये बताया गया था कि देशों पर टैरिफ कैसे तय हो रहा है. ये कोई मनमाना टैरिफ नहीं है, बल्कि टैरिफ कैलकुलेशन (Tariff Calculation) के पीछे एक सिंपल मैथ है. एक फॉर्मूले से अमेरिका, बाकी देशों पर टैरिफ तय करता है. भारत-चीन के अलावा, अमेरिका ने बाकी देशों पर भी इस फॉर्मूले के तहत ही टैरिफ लगाया है. आइए जानते हैं क्या है ये फॉर्मूला और कैसे टैरिफ रेट तय किया जा रहा है?
कैसे तय हो रहा है ट्रंप का टैरिफ? 2 अप्रैल को जब ट्रंप ने तमाम देशों पर टैरिफ का ऐलान किया था तो एक चार्ट सामने आया था, जिसमें किस देश पर कितना टैरिफ लगा है, इसकी जानकारी दी गई थी. अमेरिका ने इस कैलकुलेशन को लेकर एक फॉर्मूला भी शेयर किया था, जो देखने में एक जटिल गणित लगता है.
लेकिन अगर आप ऊपर दिए गए फॉर्मूले समझें तो यह सिंपल मैथ है. किसी विशेष देश के साथ अमेरिका के गूड्स के व्यापार घाटे को लें, उसे उस देश से कुल गुड्स आयात से विभाजित करें और फिर उस संख्या को दो से विभाजित करें.
हम इसे चीन और अमेरिका के उदाहरण से समझें तो मान लीजिए अमेरिका का व्यापार घाटा 295 अरब डॉलर का है. जबकि चीन से वह कुल 440 अरब डॉलर का सामान खरीदता है. ऐसे में 295 को 440 से भाग देने पर 67% आता है. अब इसे 2 से भाग दें तो चीन पर लगने वाला टैरिफ 34 फीसदी होगा. इसी तरह, कैलकुलेट करके भारत पर भी 25 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया गया है.

आज दस तक में ईरान के उस सीक्रेट हथियार को डिकोड करेंगे, जिससे IRGC ने दुनिया के सबसे एडवांस और ताकतवर लड़ाकू विमान F-35 को गिराया है।आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान का वो कौन सा हथियार है, जिसने एफ-35 जैसे फाइटर का शिकार किया है।क्या ये वही सीक्रेट हथियार है, जिसकी इस्तेमाल की धमकी चंद दिन पहले ईरान ने दी थी, क्या है ईरान के सीक्रेट हथियार का सच? देखें दस्तक.

ईरान वॉर ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत भी इस असर से अछूता नहीं है. भारत में इस जंग का कई मोर्चों पर असर पड़ा है. भारत में लोगों की सुबह सुबह की जरूरत चाय 5 रुपये तक महंगी हो गई है. इसकी वजह सिलेंडर की किल्लत है. इसके अलावा खाद, प्लास्टिक इंडस्ट्री पर भी सीधा असर पड़ा है.

दिल्ली के पालम अग्निकांड पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोप लगाया कि सिस्टम ने जानबूझकर लोगों को नहीं बचाया और मरने के लिए छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि हम बीजेपी की गीदड़भभकियों से डरने वाले नहीं हैं. इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने अर्थी और कफन भी मंगवाया. देखें वीडियो.

वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करने के मामले में 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर सियासी विवाद बढ़ गया है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए सवाल उठाए हैं. वायरल वीडियो के आधार पर केस दर्ज हुआ था. पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब देश में गहराने लगा है. गैस संकट देश में बढ़ने की आशंका है. देश में गैस की किल्लत देखी जा रही है. युद्ध की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारत में प्रीमियम पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी की गई है. प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये का इजाफा किया गया है. नॉर्मल पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

धुरंधर पार्ट 2 की.. जो सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है और लगातार नये रिकॉर्ड बना रही है.. लेकिन इसके साथ ही इस फिल्म में एक नया विवाद शुरू हो गया है.. धुरंधर पार्ट 1 में पाकिस्तान की साजिशों का पर्दाफाश हुआ था.. धुरंधर 2 में कुछ ऐसा है कि देश के विपक्ष को ये फिल्म पसंद नहीं आ रही है.. आरोप लग रहा है कि सरकार का एजेंडा सेट करने के लिए ये फिल्म बनी है.. हकीकत क्या है.

खाड़ी देश में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, जिसका सीधा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ रही है. इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना एक खास हथियार बना लिया है. इस समुद्री गलियारे पर नियंत्रण के जरिए ईरान ने दुनिया के व्यापार को प्रभावित किया है और अब ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलना शूरू कर दिया है. जिसने दुनिया भर के देशों की टेंशन बढ़ा दी है.






