
22 साल की उम्र में जॉब के लिए किया था अप्लाई, 70 पर मिला जवाब, ये थी वजह!
AajTak
दाग देहलवी की शेर की एक लाइन है - 'बहुत देर की मेहरबां आते-आते'. इसके मायने यह हैं कि अब आने का क्या फायदा, जब आने का कोई मतलब ही नहीं रह गया. जाहिर है, ये शेर किसी शख्स के इंतजार के दर्द को बयां करता है, लेकिन यहां बात हो रही है एक जॉब की अर्जी की, जिसका जवाब आने में पूरे 48 साल लग गए.
दाग देहलवी की शेर की एक लाइन है - 'बहुत देर की मेहरबां आते-आते'. इसके मायने यह हैं कि अब आने का क्या फायदा, जब आने का कोई मतलब ही नहीं रह गया. जाहिर है, ये शेर किसी शख्स के इंतजार के दर्द को बयां करता है, लेकिन यहां बात हो रही है एक जॉब की अर्जी की, जिसका जवाब आने में पूरे 48 साल लग गए.
सोचिए, इंतजार करने वाले के ना जाने कितने बसंत, कितनी पतझड़ें, और कितनी लंबी रातें इस इंतजार में गुजर गईं, और आखिर में जब जवाब आया तो उस इंतजार का कोई मतलब ही न रहा.
48 साल बाद मिला जवाब, जानिए क्या है पूरी कहानी ये कहानी है इंग्लैंड की एक महिला टिजी हॉडस की, जिन्होंने अपनी जवानी में एक नौकरी के लिए अर्जी भेजी थी. कई दिनों तक वो उस जवाब का इंतजार करती रहीं, उम्मीद थी कि ये नौकरी वो हासिल कर लेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब जब वो बूढ़ी हो चुकी हैं, तब जाकर उन्हें उनकी नौकरी की अर्जी का जवाब मिला. जैसे ही उन्होंने उस खत को पढ़ा, सारी सच्चाई सामने आ गई, और उन्हें 48 साल बाद पता चला कि उनकी अर्जी का जवाब आने में इतनी देर क्यों हुई.
70 की उम्र में मिला अधूरा सपना बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, टिजी हॉडस अब 70 साल की हो चुकी हैं. इंग्लैंड के लिंकनशायर के गेडने हिल में रहती हैं. हाल ही में उनके पास डाक से एक लिफाफा आया. जैसे ही उन्होंने उसे खोला, उनकी आंखें फटी रह गईं. लिफाफे के अंदर वही अर्जी थी, जो उन्होंने 48 साल पहले एक नौकरी के लिए भेजी थी. दरअसल, टिजी एक स्टंटवुमैन थीं. 1976 में, वो एक मोटरसाइकिल स्टंट राइडर बनना चाहती थीं और उन्होंने जनवरी 1976 में इसी नौकरी के लिए आवेदन किया था.
पोस्ट ऑफिस की गलती, जो 50 साल बाद सामने आई खत के ऊपर लिखा था कि वो पोस्ट ऑफिस की एक दराज के पीछे फंसा हुआ था, जिसकी वजह से वो डिलीवर नहीं हो पाया. यह लिफाफा करीब 50 साल लेट होकर अब लौटाया जा रहा है
करियर पर नहीं पड़ा असर, मगर सवाल रह गया पोस्ट ऑफिस की इस गलती के बावजूद, उनके करियर पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने अपने जीवन में कई बाइक स्टंट किए और नाम कमाया. 50 से ज्यादा बार घर बदला, 4-5 बार देश बदले, लेकिन वो हमेशा यह सोचती रहीं कि आखिर उन्हें जवाब क्यों नहीं मिला. यह हैरानी की बात है कि इतने सालों और इतनी जगह बदलने के बाद भी डाक विभाग ने उन्हें ढूंढ लिया.

Portronics Zeno Go review: पोर्टोनिक्स भारतीय बाजार में मिक्स्ड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ आता है. हम पिछले कुछ दिनों से ब्रांड का मिनी मसाजर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे रिचार्ज किया जा सकता है. ये डिवाइस पोर्टेबल है, जिसकी वजह से कहीं भी आसानी से कैरी किया जा सकता है. इसमें आपको मल्टीपल मसाज हेड्स मिलते हैं. रिव्यू में हम जानेंगे कि क्या ये एक वैल्यू फॉर मनी डिवाइस है.

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.









