
2024 के लिए कांग्रेस की तैयारियां तेज, चुनाव समिति में सोनिया, राहुल समेत इन नेताओं को मिली जगह
AajTak
2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी की ओर से एक चुनाव समिति का गठन किया गया है. इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को शामिल किया गया है.
2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी की ओर से एक चुनाव समिति का गठन किया गया है. इसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को शामिल किया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कांग्रेस चुनाव समिति का गठन किया है.
कांग्रेस चुनाव समिति में इन नेताओं को मिली जगह
1. मल्लिकार्जुन खड़गे 2. सोनिया गांधी 3. राहुल गांधी 4. अम्बिका सोनी 5. अधीर रंजन चौधरी 6. सलमान खुर्शीद 7. मधुसूदन मिस्त्री 8. एन. उत्तम कुमार रेड्डी 9. टी.एस. सिंह देव 10. केजे जियोग्रे 11. प्रीतम सिंह 12. मोहम्मद जावेद 13. अमी याज्ञनिक 14. पीएल पुनिया 15. ओंकार मरकाम 16. केसी वेणुगोपाल
आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं. एक ओर जहां 2024 के लिए चुनावी समिति का ऐलान किया गया है, वहीं पार्टी ने दिल्ली के सभी सात लोकसभा क्षेत्रों के लिए समन्वयक नियुक्त कर दिए हैं.
ये सभी समन्वयक दिल्ली में पार्टी के पुनर्गठन में मदद करेंगे और अगले 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे. 7 समन्वयकों में चांदनी चौक के लिए राहुल रिछारिया, दक्षिणी दिल्ली के लिए गुलाम हुसैन खलक, उत्तर पश्चिमी दिल्ली के लिए सनी मलिक, उत्तरपूर्वी दिल्ली के लिए चिमन भाई विंझुदा, नई दिल्ली के लिए हकुभा जाडेजा, पूर्वी दिल्ली के लिए संजीव शर्मा और पश्चिमी दिल्ली के लिए उमा शंकर पांडे को नियुक्त किया गया है.
नवनियुक्त दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि दिल्ली के लिए AICC प्रभारी दीपक बाबरिया ने कुछ समन्वयक नियुक्त किए हैं और प्रत्येक समन्वयक के पास ब्लॉक और जिला अध्यक्षों के लिए नाम लिस्टेड करने में मदद करने के लिए तीन नेता होंगे. हमारा उद्देश्य पुनर्गठन करना है. संपूर्ण संगठन और यह अभ्यास का पहला चरण है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









