
2023 Prediction: नया साल 2023 खुशियां लेकर आएगा या मुश्किलें बढ़ाएगा? इन 2 ज्योतिषविदों ने की ये भविष्यवाणियां
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नए संवत्सर का नाम नल रहेगा. इसका राजा बुध और मंत्री शुक्र होगा. राजा और मंत्री में मित्रता होने से सत्ता पक्ष और सरकार के काम आसानी से हो जाएंगे. कुंडली में लग्नेश बुध अष्टम भाव में राहु के साथ है. यह विश्व शांति के लिए अच्छा संकेत नहीं है. दूसरे भाव पर राहु की दृष्टि भी है. इससे विश्व के कुछ देशों की आंतरिक स्थिति अच्छी नहीं रहेगी.
नया साल यानी 2023 के आने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है. इस नए साल में ग्रहों की स्थितियां क्या रहेंगी. देश-विदेश, शिक्षा, व्यापार, सुरक्षा, राजनीति, आर्थिक स्थिति, संस्कृति और खेलकूद के क्षेत्र में कैसा बीतेगा समय. इस बारे में कानपुर के पंडित शरद त्रिपाठी और इंदौर के ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश व्यास से जानिए इस साल की ग्रह गोचर स्थिति क्या बता रही है.
पंडित शरद त्रिपाठी के अनुसार, नए संवत्सर का नाम नल रहेगा. इसका राजा बुध और मंत्री शुक्र होगा. राजा और मंत्री में मित्रता होने से सत्ता पक्ष और सरकार के काम आसानी से हो जाएंगे. कुंडली में लग्नेश बुध अष्टम भाव में राहु के साथ है. यह विश्व शांति के लिए अच्छा संकेत नहीं है. दूसरे भाव पर राहु की दृष्टि भी है. इससे विश्व के कुछ देशों की आंतरिक स्थिति अच्छी नहीं रहेगी. भारत के पड़ोसियों से भी संबंध अच्छे नहीं रहेंगे. विश्व में हिंसा होने की आशंका है. कई देशों में सैन्य संघर्ष की स्थिति बन सकती है. आतंकी घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिलेगा.
विश्व में व्यापारिक दृष्टि से मंदी तो रहेगी. आम लोगों को खर्चों पर नियंत्रण करना होगा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा. भारत में विरोधी दलों का वर्चस्व बनेगा. भारत में कोई विशेष कानूनी व्यवस्था भी लागू हो सकती है. अंक शास्त्र के अनुसार, 2023 का कुल योग सात आता है, जो केतु का अंक है. केतु आध्यात्मिकता तो देता है, लेकिन यह वायरस का भी प्रतिनिधित्व भी करता है. यानी कोरोना दोबारा फैल सकता है या उसी तरह की कोई बीमारी पूरी दुनिया में फैल सकती है.
पंडित गिरीश व्यास से जानिए किन क्षेत्रों में मिलेगा क्या लाभ
साल 2023 में अनेक बदलाव संभव है. सभी मनुष्यों और जीव-जंतुओं को भी लाभ होगा. 2023 में घरेलू स्थितियां अच्छी बनेगी. सभी की सकारात्मक प्रवृत्ति देखने को मिलेगी. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थोड़ी बढ़ सकती हैं, जैसे- पेट संबंधी समस्या तथा हृदय संबंधी विकार उत्पन्न हो सकते है. निजी जीवन को लेकर खासा उत्साहित रहेंगे. सुख-सुविधाओं को पूर्ण करने तथा भौतिक वस्तुओं का समावेश करेंगे.
विश्व गुरु की दिशा में आगे बढ़ेगा भारत 2023 में भारत वर्ष संपूर्ण विश्व में अपना उच्च स्थान प्राप्त करेगा. इसके कारण भारत की परंपरा, रीति-रिवाज और संस्कृति को लेकर अनेक कार्य दुनिया को नई दिशा दिखाएंगे. मूलभूत सुविधाओं के लिए प्राचीन पद्धति को बढ़ावा मिलेगा. संपूर्ण विश्व में भारत का नेतृत्व सराहनीय रहेगा. विदेश संबंधी नीतियों का परिवर्तन होने के योग हैं.

देश में IAS अधिकारियों की कुल 1,300 पदों पर भारी कमी है, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं. संसदीय समिति ने 25% रिक्त पदों को तुरंत भरने, डेटा आधारित भर्ती प्रक्रिया अपनाने और अफसरों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए वेलफेयर प्लान लागू करने की सिफारिश की है. उत्तर प्रदेश, केरल जैसे राज्यों में कमी सबसे ज्यादा है.

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