
20,000 साल पहले East Asia में हुआ था Coronavirus का Outbreak, स्टडी में हुए अहम खुलासे
Zee News
रिसर्च में पता चला है कि संभवत: पूर्वी एशिया में 20 हजार साल पहले भी कोरोना वायरस फैला था. लोगों के डीएनए में कई पीढ़ियों पहले इनके पूर्वजों द्वारा वायरस के साथ अनुकूलन करने के सबूत मिले हैं.
ब्राजील: एक नए शोध (Research) में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इसमें ऐसी संभावना जताई गई है कि 20 हजार साल पहले भी कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण फैला था. इसके मुताबिक यह संक्रमण पूर्वी एशिया (East Asia) में फैला था. स्टडी में आधुनिक चीन, जापान और वियतनाम में लोगों के डीएनए (DNA) में इसके चिन्ह मिले हैं. इन क्षेत्रों के लोगों में कोरोना वायरस फैमिली के वायरस का जेनेटिक एडॉप्शन करने के चिन्ह मिले हैं. बता दें कोरोना वायरस फैमिली में MERS और SARS वायरस भी शामिल हैं, जो पिछले 20 सालों में प्रकोप फैला चुके हैं. कुछ दशकों में आनुवंशिकीविदों (Geneticists) ने ऐसी मशीनें और तकनीकें ईजाद की हैं, जो आज के लोगों के डीएनए में पीढ़ियों पुराने एडॉप्शन के बारे में बता देती हैं. यानी कि कई पीढ़ियों पहले भी वह बीमारियां या स्थितियां मौजूद थीं. ऐसे ही एक शोध में टीम ने दुनिया भर की अलग-अलग जगहों पर रह रहीं 26 आबादी के 2,500 से अधिक लोगों के जीनोम के अत्याधुनिक कम्प्यूटेशनल विश्लेषण किए. इसके बाद 42 अलग-अलग मानव जींस में मिले एडॉप्शन के संकेतों को एन्कोड करके वीआईपी निकाले गए.
Shia Mosque Suicide Bombing: यह घटना शुक्रवार, 6 फरवरी को हुई. अज्ञात हमलावर ने मस्जिद के गेट पर रोके जाने के बाद खुद को विस्फोट से उड़ा लिया. धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर शीशे टूट गए. वहीं चारों ओर मलबा फैल गया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मस्जिद के फर्श पर खून से लथपथ शव दिखाई दिए.

M1A2T Abrams Battle Tanks: ताइवान अमेरिका से कुल 108 M1A2T टैंक खरीद रहा है. इस डील की कीमत करीब 40.5 अरब ताइवानी डॉलर बताई जा रही है. ये टैंक उन पुराने बख्तरबंद वाहनों की जगह लेंगे. जो पिछले 20 साल से ज्यादा समय से सेवा में हैं. इनका मकसद उत्तरी ताइवान की ग्राउंड डिफेंस क्षमता को मजबूत करना है. पहली खेप के 38 टैंक दिसंबर 2024 में ताइपे पोर्ट पहुंचे थे.

F-15K fighter jet: दक्षिण कोरिया की वायुसेना के F-15K फाइटर जेट्स को 4+ जेनरेशन स्तर तक आधुनिक बनाया जाएगा. बोइंग इन विमानों में नया एवियोनिक्स और मिशन सिस्टम आर्किटेक्चर लगाएगा. इसके तहत नया रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम, मिशन कंप्यूटर और नए कॉकपिट डिस्प्ले शामिल होंगे. इससे इन विमानों की सर्विस लाइफ भी बढ़ जाएगी.



