
'20 साल से मैं भी सह रहा हूं अपमान', PM मोदी ने उपराष्ट्रपति धनखड़ को किया फोन, राष्ट्रपति ने भी जताई निराशा
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सांसदों के द्वारा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री की घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह बात कही है. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने फोन कर इस घटना पर दुख जाहिर किया है. प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी कहा है कि वह भी पिछले 20 सालों से इस तरह का अपमान सह रहे हैं.
सांसदों के द्वारा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री की घटना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर यह बात कही है. उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने फोन कर इस घटना पर दुख जाहिर किया है. प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी कहा है कि वह भी पिछले 20 सालों से इस तरह का अपमान सह रहे हैं. इतना ही नहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना को निराशाजनक बताया है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा,'पीएम मोदी से टीलीफोन पर बात हुई. उन्होंने पवित्र संसद परिसर में कुछ सांसदों की घृणित नाटकीयता पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने मुझे बताया कि वह पिछले बीस वर्षों से इस तरह के अपमान सहते आ रहे हैं. भारत में उपराष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के साथ संसद में ऐसा होना दुर्भाग्यपूर्ण है.'
उपराष्ट्रपति ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा,'मैंने उनसे (पीएम मोदी) कहा कि कुछ लोगों की हरकतें मुझे अपना कर्तव्य निभाने और हमारे संविधान में निहित सिद्धांतों को बनाए रखने से नहीं रोक सकतीं. मैं तहे दिल से उन मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध हूं. कोई भी अपमान मुझे अपना रास्ता बदलने पर मजबूर नहीं कर सकता है.'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुमू बोलीं- निराशा हुई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा,'जिस तरह से हमारे सम्मानित उपराष्ट्रपति को संसद परिसर में अपमानित किया गया, उसे देखकर मुझे निराशा हुई. निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी अभिव्यक्ति के लिए स्वतंत्र होना चाहिए, लेकिन उनकी अभिव्यक्ति गरिमा और शिष्टाचार के मानदंडों के भीतर होनी चाहिए. यह संसदीय परंपरा रही है जिस पर हमें गर्व है और भारत के लोग उनसे इसे कायम रखने की उम्मीद करते हैं.'

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