20 छक्के, 11 चौके... वर्ल्ड कप से पहले हार्दिक पंड्या की विजय हजारे में सुनामी, VIDEO
AajTak
हार्दिक पंड्या ने विजय हज़ारे ट्रॉफी में चंडीगढ़ के खिलाफ सिर्फ 31 गेंदों में 75 रन बनाकर बड़ौदा की पारी को मजबूती दी. इससे पहले विदर्भ के खिलाफ शतक जड़ चुके पंड्या शानदार फॉर्म में हैं. प्रियांशु मोलिया और जितेश शर्मा की अहम साझेदारियों के दम पर बड़ौदा ने 350 से ज्यादा रन बनाए.
भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या ने विजय हज़ारे ट्रॉफी में अपना विस्फोटक फॉर्म जारी रखते हुए गुरुवार, 8 जनवरी को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ बड़ौदा के लिए एक और तूफानी पारी खेली. एलीट ग्रुप बी के अंतिम मुकाबले में नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने उतरे पंड्या ने सिर्फ 31 गेंदों में 75 रन ठोककर मैच का रुख पूरी तरह पलट दिया. इससे पहले पंड्या ने विजय हजारे के अपने पहले मैच में शतक जड़ा था. यानी टी20 वर्ल्ड कप से पहले विजय हजारे के अबतक खेले गए अपने 2 मैच में पंड्या ने 20 छक्के और 11 चौके जड़ दिए हैं.
19 गेंदों में जमाई फिफ्टी
पंड्या ने क्रीज पर आते ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने महज़ 19 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद नौ लंबे छक्के और दो चौके जड़े. उनका स्ट्राइक रेट 240 से ऊपर रहा. यह हमला उस समय आया जब बड़ौदा को शीर्ष क्रम के जल्दी आउट होने के बाद गति की सख्त जरूरत थी. प्रियांशु मोलिया के साथ मिलकर पंड्या ने पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 51 गेंदों में 90 रन जोड़े, जिसने बड़ौदा की पारी को निर्णायक बढ़त दिला दी.
5 दिन पहले जड़ा था शतक
यह कोई एक बार का प्रदर्शन नहीं था. महज पांच दिन पहले ही पंड्या ने विदर्भ के खिलाफ 68 गेंदों में शतक जड़ा था, जिसमें उन्होंने 11 छक्के और आठ चौके लगाते हुए 133 रनों की शानदार पारी खेली थी. हालांकि उस मैच में बड़ौदा को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन उस पारी ने पंड्या के जबरदस्त फॉर्म और लंबे व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में उनके बढ़ते आत्मविश्वास को साफ तौर पर दिखा दिया.
चंडीगढ़ के खिलाफ इस तबाही के बीच दूसरे छोर से भी शानदार सहयोग मिला. प्रियांशु मोलिया ने संयमित अंदाज़ में 106 गेंदों पर 103 रन बनाकर पारी को संभाले रखा, जबकि विकेटकीपर-बल्लेबाज़ जितेश शर्मा ने अंत में आकर तेजतर्रार बल्लेबाजी की. पंड्या के आउट होने के बाद क्रीज पर आए जितेश ने 33 गेंदों में 73 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल थे. मोलिया के साथ उन्होंने छठे विकेट के लिए सिर्फ 57 गेंदों में 106 रनों की साझेदारी की.

पाकिस्तान के समीर मिन्हास ने वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन वैभव को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. पिच पर उनका ध्यान सिर्फ टीम और अपनी पारी पर था. कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उन्होंने संयम और समझदारी दिखाते हुए गैर-जरूरी जोखिम से बचा और अपने खेल से साबित कर दिया कि रिकॉर्ड टूटने से भी ‘बेबी बॉस’ का मूड नहीं टूटा.












