
रोहित-कोहली को हल्के में लिया तो पछताओगे... 2027 वर्ल्ड कप पर कीवी कप्तान ने दे दी वॉर्निंग
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न्यूजीलैंड के कार्यवाहक कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें कम आंकना बेवकूफी होगी. उन्होंने दोनों को 2027 वनडे वर्ल्ड कप खेलते देखने की इच्छा जताई. भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज 11 जनवरी से वडोदरा में शुरू होगी.
न्यूजीलैंड के कार्यवाहक वनडे कप्तान माइकल ब्रेसवेल ने भारत के सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली की जमकर तारीफ की है. भारत के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले ब्रेसवेल ने कहा कि इन दोनों दिग्गजों को कम आंकना 'बेहद बेवकूफी' होगी.
ब्रेसवेल ने कहा-रोहित और कोहली का रिकॉर्ड खुद बोलता है. उन्होंने भारत के लिए शानदार पारियां खेली हैं और टीम को बल्ले से लीड किया है. उन्हें हल्के में लेना किसी भी टीम की सबसे बड़ी गलती होगी.
उन्होंने यह भी इच्छा जताई कि रोहित और कोहली 2027 का वनडे वर्ल्ड कप जरूर खेलें. ब्रेसवेल बोले- वे अभी भी बेहतरीन क्रिकेट खेल रहे हैं. जब फॉर्म शानदार है तो रुकने की क्या जरूरत है? मैं उन्हें वर्ल्ड कप खेलते देखना चाहूंगा.
भारत संग सीरीज में ब्रेसवेल न्यूजीलैंड की कप्तानी कर रहे हैं क्योंकि मिचेल सेंटनर को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले जोखिम में टीम नहीं डालना चाहती है. सेंटनर की गैरमौजूदगी को ब्रेसवेल ने टीम के लिए बड़ी चुनौती बताया. वनडे सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी से वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में होगी.
इस दौरे पर न्यूजीलैंड की टीम में कई युवा और अनुभवहीन खिलाड़ी शामिल हैं. लेफ्ट-आर्म स्पिनर जेडन लेनोक्स अपना ODI डेब्यू करने के लिए तैयार हैं. टीम में कुछ कम अनुभवी खिलाड़ी हैं जिनमें क्रिस्टियन क्लार्क, आदि अशोक, जोश क्लार्कसन, निक केली, बेवॉन जैकब्स और माइकल रे शामिल हैं.
भारत के खिलाफ ब्रेसवेल का ODI रिकॉर्ड ब्रेसवेल का भारत के खिलाफ अच्छा ODI रिकॉर्ड है, उन्होंने पांच पारियों में 60.75 के औसत और 140.46 के स्ट्राइक रेट से 243 रन बनाए हैं। उनके ODI करियर का बेस्ट 140 रन 2023 में भारत के खिलाफ एक असफल रन चेज़ में आया था. ब्रेसवेल को ODI में 1,000 रन पूरे करने के लिए 88 और रन चाहिए. उनके नाम 36.48 के औसत से 912 रन हैं, जिसमें दो शतक और तीन अर्द्धशतक शामिल हैं।

पाकिस्तान के समीर मिन्हास ने वैभव सूर्यवंशी का रिकॉर्ड तोड़ दिया, लेकिन वैभव को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. पिच पर उनका ध्यान सिर्फ टीम और अपनी पारी पर था. कप्तानी की जिम्मेदारी के साथ उन्होंने संयम और समझदारी दिखाते हुए गैर-जरूरी जोखिम से बचा और अपने खेल से साबित कर दिया कि रिकॉर्ड टूटने से भी ‘बेबी बॉस’ का मूड नहीं टूटा.












