
2 साल से एक भी 2000 के नोट की छपाई नहीं, सरकार ने बताया क्या है प्लान
AajTak
धीरे-धीरे 2000 रुपये के नोट सर्कुलेशन में कम क्यों हो रहे हैं? एटीएम मशीन से भी 2000 रुपये के नोट कम निकल रहे हैं? हर किसी के मन में सवाल पैदा हो रहा था कि आखिरी 2000 रुपये के नोट कम होने के पीछे वजह क्या है? जिसका जवाब अब सरकार ने ही दे दिया है.
धीरे-धीरे 2000 रुपये के नोट सर्कुलेशन में कम क्यों हो रहे हैं? एटीएम मशीन से भी 2000 रुपये के नोट कम निकल रहे हैं? हर किसी के मन में सवाल पैदा हो रहा था कि आखिर 2000 रुपये के नोट कम होने के पीछे वजह क्या है? जिसका जवाब अब सरकार ने ही दे दिया है. सरकार ने लोकसभा में बताया है कि पिछले दो वर्षों में 2 हजार रुपये के एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है. वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि नोटों की प्रिंटिंग को लेकर आरबीआई के साथ बातचीत कर सरकार फैसला लेती है. अप्रैल 2019 के बाद से एक भी नया 2000 का बैंक नोट नहीं छापा गया है. यही नहीं, अनुराग ठाकुर ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में लगातार 2000 रुपये के नोट प्रचलन में घटे हैं. उन्होंने बताया कि 30 मार्च 2018 को 2000 रुपये के 336.2 करोड़ नोट सर्कुलेशन में थे, जबकि 26 फरवरी 2021 को इसकी संख्या घटकर 249.9 करोड़ रह गई. वहीं मार्च, 2020 के अंत तक चलन में मौजूद 2,000 के नोटों की संख्या 273.9 करोड़ थी. जबकि मार्च- 2019 के अंत में 2000 के नोटों की संख्या 329.1 करोड़ थी.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और NCERT ने मिलकर नकली पाठ्यपुस्तकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. गाजियाबाद में छापेमारी कर 32 हजार से ज्यादा पायरेटेड NCERT किताबें जब्त की गईं. इसके अलावा दो प्रिंटिंग मशीनें, एल्यूमिनियम प्रिंटिंग प्लेट्स, कागज के रोल और स्याही भी जब्त की गई, जिससे बड़े पैमाने पर अवैध छपाई की पुष्टि होती है.

Realme ने अपनी रिपब्लिक डे सेल का ऐलान कर दिया है. इस सेल का फायदा उठाकर आप सस्ते में ब्रांड के फोन्स को खरीद सकते हैं. कंपनी 8000 रुपये तक की छूट अपने फोन्स पर दे रही है. इस सेल का फायदा कंज्यूमर्स रियलमी की आधिकारिक वेबसाइट के साथ ही ऐमेजॉन और फ्लिपकार्ट पर भी उठा सकते हैं. आइए जानते हैं सेल में मिल रहे डील्स की डिटेल्स.

Mangal Aditya Rajyog 2026:वैदिक ज्योतिष में मंगल और सूर्य की युति को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. सूर्य आत्मा, नेतृत्व, सत्ता और आत्मविश्वास के कारक हैं, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम और निर्णायक शक्ति का प्रतीक है. जब ये दोनों ग्रह एक ही राशि या भाव में साथ आते हैं, तो इससे अद्भुत शक्ति, आत्मबल और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है










