
14 दिन के लिए जेल भेजी गईं पूजा खेडकर की मां मनोरमा, बंदूक लहराकर किसान को धमकाने के केस में नहीं मिली कोर्ट से राहत
AajTak
पूजा खेडकर की मां मनोरमा का बंदूक लेकर किसानों को धमकाने का वीडियो वायरल होने के बाद वह फरार हो गई थीं. वह रायगढ़ के महाड के एक होटल में नकली पहचान के साथ रह रही थीं. इसी होटल से पुणे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था.
पुणे की अदालत ने विवादों में घिरी महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. अदालत ने जमीन विवाद से जुड़े एक आपराधिक मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर उन्हें हिरासत में भेज दिया.
अभियोजक पक्ष का कहना है कि मनोरमा के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है और उन्हें सिर्फ सत्र अदालत से राहत मिल सकती है. मनोरमा की पुलिस कस्टडी सोमवार को समाप्त हो गई थी, जिसके बाद उन्हें जूडीशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की कोर्ट के समक्ष पेश किया गया. यहां उन्हें अदालत ने 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
मनोरमा के वकील ने उनकी जमानत के लिए याचिका दायर की थी. लेकिन अदालत ने कहा कि मनोरमा के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिस पर सत्र अदालत में ही सुनवाई हो सकती है. यह कहकर अदलात ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और जमानत याचिका खारिज कर दी.
बता दें कि मनोरमा खेडकर को पिछले साल पुणे जिले में जमीन विवाद मामले में कुछ लोगों को बंदूक दिखाकर धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस घटना का वीडियो इस महीने सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई है.
रायगढ़ के होटल से गिरफ्तार हुई थीं मनोरमा खेडकर
पूजा खेडकर की मां मनोरमा का बंदूक लेकर किसानों को धमकाने का वीडियो वायरल होने के बाद वह फरार हो गई थीं. वह रायगढ़ के महाड के एक होटल में नकली पहचान के साथ रह रही थीं. इसी होटल से पुणे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






