
'14 का है, 12 का या 20...', वैभव सूर्यवंशी को निशाना बनाओ ताकि असली टेस्ट हो सके, रवि शास्त्री ने क्यों कहा ऐसा?
AajTak
रवि शास्त्री चाहते हैं कि गेंदबाज वैभव सूर्यवंशी को निशाना बनाएं उनकी 'असली परीक्षा' हो सके. रवि शास्त्री ने कहा कि इससे फर्क नहीं पड़ता कि वैभव सूर्यवंशी की उम्र 14, 12 या 20 साल है.
'इससे फर्क नहीं पड़ता कि वैभव सूर्यवंशी की उम्र 14, 12 या 20 साल है, मेरा मानना है कि गेंदबाजों को उसे चुनौतीपूर्ण गेंदों से परखना चाहिए, ताकि उसकी 'असली परीक्षा' हो सके.'
ये बात भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने वैभव सूर्यवंशी के लिए कही. रवि ने वहीं स्वीकार किया कि वह इस बात से हैरान हैं कि सूर्यवंशी ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत कैसे की.
आईसीसी के हवाले से रवि शास्त्री ने कहा- मुझे लगता है कि उन्होंने (लखनऊ के खिलाफ) जो पहला शॉट खेला, उसने सभी की सांसें रोक दी होंगी. वह युवा है, उसे खेलने दीजिए.
मैं कहूंगा कि उसे थोड़ा खेलने दीजिए, क्योंकि इस उम्र में असफलताएं आना तय है. असफलताओं से निपटने का तरीका भी उसी पर निर्भर करता है, क्योंकि लोग नई चीजें लेकर आते हैं.
Sanskaar 🙏💗 pic.twitter.com/gybySEUQDO
शास्त्री ने यह भी सुझाव दिया कि गेंदबाज भविष्य में सूर्यवंशी को कुछ शॉर्ट पिच गेंदों के साथ निशाना बनाएं, और असली परीक्षा इस बात पर होगी कि वह किस तरह से रेस्पॉन्स करते हैं. उन्होंने कहा- अगली बार जब वह बल्लेबाजी के लिए आएगा तो उस पर कई शॉर्ट गेंदें फेंकी जाएंगी, क्योंकि जब आप किसी की पहली गेंद पर छक्का लगाते हैं तो आप कोई दया नहीं दिखाते. फिर आपको इस बात की परवाह नहीं रहती कि वह 14 साल का है या 12 साल का या 20 साल का. मेनू वही है जो आप परोसते हैं. इसलिए, उसे इसकी आदत डालनी होगी और एक बार जब हम उसे इसे संभालते हुए देखेंगे, तो आप उचित निर्णय ले पाएंगे.

इंडियन प्रीमियर लीग भले ही 10 टीमों के साथ दुनिया की सबसे अमीर और लोकप्रिय क्रिकेट लीग बन चुका है, लेकिन इसकी कहानी में कुछ ऐसे नाम भी हैं जो वक्त के साथ गायब हो गए. अब तक 5 टीमें ऐसी रहीं, जिन्होंने IPL में एंट्री ली, यादें छोड़ीं और फिर अचानक लीग से बाहर हो गईं. सवाल यह है कि आखिर इन टीमों के साथ ऐसा क्या हुआ...












