
10th Class Exam 2024: मैथ्स के एग्जाम से बचने के लिए छात्र ने रची ऐसी कहानी, कि दो राज्यों की पुलिस हो गई चक्करघिन्नी
AajTak
UP Board 10वीं क्लास के छात्र ने गणित की परीक्षा से बचने के लिए ऐसी कहानी रच दी कि दो राज्यों की पुलिस हैरान हो गई. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की पुलिस 15 साल के छात्र की वजह से चक्करघिन्नी रही.
परीक्षा शब्द सुनते ही हर व्यक्ति के चेहरे पर चिंता की लकीरें दिखने लगती हैं. यह परीक्षा चाहे किसी नौकरी के लिए हो या किसी कसौटी के लिए हो, हर हाल में परीक्षा तो परीक्षा ही होती है. परीक्षा का सबसे ज्यादा डर बच्चों में देखने को मिलता है. कभी-कभी यह डर इतना बढ़ जाता है कि बच्चे इसका सामना करने से बचने के लिए कुछ भी कर गुजरते हैं.
ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश ग्वालियर में सामने आया है, जहां 10वीं के छात्र ने गणित की परीक्षा से बचने के लिए ऐसी कहानी रच दी कि दो राज्यों की पुलिस हैरान हो गई. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की पुलिस 15 साल के छात्र की वजह से चक्करघिन्नी रही.
अपहरण की झूठी कहानी सुनाई
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम सोमवार को सामने आया, जब ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ के जवानों को 15 साल के एक बच्चे ने यह बताया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है और वह बड़ी मुश्किल से अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बचकर आया है. अपहरण की बात सुनते ही आरपीएफ जवानों के कान खड़े हो गए. इसकी सूचना तुरंत पड़ाव थाना पुलिस को दी गई.
पुलिस जुट गई थी कार सवार बदमाशों को खोजने पड़ाव थाना पुलिस भी रेलवे स्टेशन पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने जब 15 साल के बच्चे से पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली, तो उसने बताया कि कि उसे कार सवार कुछ बदमाश अपहरण करके लेकर आए हैं. पुलिस उस वक्त और परेशान हो गई, जब बच्चे ने बताया कि कार में तीन-चार बच्चे और भी थे, जिन्हें बदमाश अपहरण करके लाए हैं.
पुलिस के हाथ नहीं लगा कोई भी सुराग

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








