
10 वीं पास कंपाउंडर का खौफ... मजे और शौक के लिए बन गया सीरियल किलर, सोने का जेवर बना फंदा
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गिर सोमनाथ के वेरावल में 24 वर्षीय 10वीं पास कंपाउंडर श्याम चौहान को दो हत्याओं के आरोप में गिरफ्तार किया गया. वह पड़ोसी भावनाबेन को थैलेसीमिया की जांच के बहाने घर में घुसा और बेहोशी की दवा का ओवरडोज़ देकर हत्या की व गहने लूट लिण्. पूछताछ में उसने चार महीने पहले दोस्त की भी मॉर्फिन की गोलियों से हत्या करने की बात कबूली. पुलिस ने जेवर गिरवी रखने के दौरान उसे रंगे हाथ पकड़ा.
गिर सोमनाथ जिले के वेरावल में इन दिनों एक ऐसे अपराधी की चर्चा है, जिसकी दहशत ने पुलिस से लेकर स्थानीय लोगों तक को दंग कर दिया है. 10वीं पास डॉक्टर के क्लिनिक में कंपाउंडर का काम करने वाला, 24 साल का युवक। कोई कल्पना नहीं कर सकता था कि यही शख्स अपने मौज और शौक पूरे करने के लिए दो हत्याएं कर चुका है. और दोनों हत्याएं भी ऐसी कि पुलिस भी पहले मामले को सामान्य मौत मानने लगी थी.
पिछले दिनों 11 नवंबर को वेरावल में एक महिला की संदिग्ध मौत की खबर सामने आई थी. शुरुआती नजर में लोगों ने घर में पड़े इंजेक्शन, हाथ पर सुई का निशान को देखकर सुसाइड माना. लेकिन पुलिस ने जब गद्दे पर पड़े खून के धब्बों को देखा तो बारिकी से जांच की. बाद में पता चला कि महिला के शरीर से सोने के गहने भी गायब थे. पहली ही जांच में पुलिस समझ गई यह कोई प्राकृतिक मौत नहीं, बड़ी चालाकी से की गई हत्या है. सुराग से पुलिस के हाथ लगा कंपाउंडर श्याम चौहान नाम का दरिंदा. वह मृतक महिला का पड़ोसी था और जिसे महिला अपनी बीमारी या रिपोर्ट्स को लेकर भरोसे में रखा करती थी.
थैलेसीमिया रिपोर्ट के बहाने घर पहुंचा मौत देने
मृतका भावनाबेन चांडेगरा के परिवार ने बताया कि उनका श्याम पर भरोसा था क्योंकि वह पास के ही डॉक्टरों के यहां कंपाउंडर के रूप में काम करता था. श्याम ने महिला को विश्वास में लेकर कहा कि वह सस्ते में थैलेसीमिया की जांच करवा देगा. इसी बहाने वह 11 नवंबर की सुबह महिला के घर पहुंचा. पुलिस जांच में सामने आया कि जांच के नाम पर लिया जाने वाला ब्लड सैंपल तो न के बराबर था, लेकिन इंजेक्शन की शीशी और सुई का इस्तेमाल किसी खतरनाक योजना का हिस्सा था. श्याम ने भावनाबेन को एनेस्थीसिया यानी बेहोशी की दवा का ओवरडोज दे दिया. दवा शरीर में जाते ही महिला बेहोश हुई और कुछ ही मिनटों में उसकी सांसें रुक गईं. पुलिस के मुताबिक हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की गई थी, ताकि न खून बहे और न कोई शोरगुल हो.
चार महीने पुराना राज भी खुला
पुलिस ने जब श्याम को गिरफ्तार किया और पूछताछ शुरू की, तो उसने चौंका देने वाली बात स्वीकार कर ली. उसने बताया कि चार महीने पहले मैंने अपने दोस्त को भी मार दिया था. उसे मॉर्फिन की गोलियां दी थीं. उसके गहने ले लिए और मौज में खर्च कर डाले. इस कुबूली बयान ने पुलिस को भी हिलाकर रख दिया. एक 24 साल का साधारण युवक, जो ज्यादा पढ़ा-लिखा भी नहीं है उस प्लानिंग के साथ मर्डर कर रहा है. जांच अधिकारियों के मुताबिक यह सीरियल किलर के शुरुआती पैटर्न जैसा है. श्याम के दोस्त की मौत को सामान्य बीमारी समझकर दफना दिया गया था. परिवार को भी कभी शक नहीं हुआ कि मौत के पीछे कोई हाथ हो सकता है.

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