
'10 लाख पहुंचा दे, नहीं तो बेटी की शादी में मचा देंगे कोहराम', बदमाशों ने कहा- राजी है तो घर की दीवार पर लिख देना YES
AajTak
26 अक्टूबर. यही वो दिन था, जब एक अनजान शख्स साउध दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के बंगले पर पहुंचा और वहां तैनात गनमैन को खत सौंपते हुए कहा कि इस खत को अपने मालिक तक ज़रूर पहुंचा देना. इससे पहले वो गनमैन कुछ समझ पाता वो शख्स वहां से निकल गया.
दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के घर में बेटी की शादी से ठीक पहले एक खत आया. कोई शख्स वो खत लेकर आया और कारोबारी के बंगले पर तैनात गार्ड को देकर चला गया. साथ ही उसे हिदायत भी दी कि खत अपने मालिक को जल्द से जल्द पहुंचा देना. इसके बाद वो शख्स तेजी के साथ वहां से चला गया. गार्ड ने खत को फौरन अपने मालिक तक पहुंचाया. जैसे ही कारोबारी ने वो खत खोला उनके होश उड़ गए. आखिर क्या लिखा था उस खत में? कौन सा राज दफ्न था उस कागज़ के पन्ने पर? चलिए आपको बताते हैं ये पूरी कहानी.
26 अक्टूबर 2023 यही वो दिन था, जब एक अनजान शख्स साउध दिल्ली के एक बड़े कारोबारी के बंगले पर पहुंचा और वहां तैनात गनमैन को खत सौंपते हुए कहा कि इस खत को अपने मालिक तक ज़रूर पहुंचा देना. इससे पहले वो गनमैन कुछ समझ पाता वो शख्स वहां से निकल गया. वो इतनी जल्दी में था, जैसे कोई उसके पीछे पड़ा हो. खैर गनमैन ने बिना देर किए वो खत बंगले में मौजूद कारोबारी तक पहुंचा दिया.
खत पढ़कर उड़ गए होश कारोबारी ने उस खत को खोला और ध्यान से पढ़ा तो उनके होश फाख्ता हो गए. उनके चेहरे पर हवाईयां उड़ने लगी. उनकी आंखों में खौफ साफ देखा जा सकता था. कारोबारी समझ नहीं पा रहा था कि आखिर उसके साथ ये क्या हो गया. दरअसल, 28 अक्टूबर को उस कारोबारी की बेटी की शादी थी. उस खत में शादी का भी जिक्र था.
धमकी देकर मांगे गए थे 10 लाख असल में वो खत कोई आम खत नहीं था, बल्कि उस खत में कारोबारी को धमकी दी गई थी कि अगर उसने आरोपी को 10 लाख रुपये नहीं दिए तो उनकी बेटी की शादी को मातम में बदल दिया जाएगा. आरोपी ने धमकी भरे में खत में लिखा था कि उसे पैसे देने की सहमति के तौर पर वो घर की चारदीवारी पर 'हां' लिख दे. जिसका मतलब था कि वो पैसे देने के लिए तैयार है.
सलाह के बाद पुलिस से की शिकायत ये बात पढ़कर कारोबारी और उनके परिवार का परेशान होना लाजमी था. वो समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर अब किया क्या जाए? शुरुआत में कारोबारी के परिवार ने इस बारे में किसी को नहीं बताया. लेकिन बाद में उन्होंने अपने रिश्तेदारों से सलाह ली और स्थानीय पुलिस से संपर्क किया.
पुलिस ने लिया गन मैन का बयान सीआर पार्क पुलिस थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) ने इस मामले को गंभीरता से लिया और उनके नेतृत्व में एक टीम बनाई गई. जिसे इस मामले को सुलझाने का काम सौंपा गया. सबसे पहले पुलिस ने कारोबारी के बंगले पर जाकर छानबीन की. और उनके गनमैन यानी सुरक्षा गार्ड का बयान दर्ज किया. इसके बाद सबसे अहम काम था इलाके में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को स्कैन करना.

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






