
1 करोड़ सैलरी, 6-7 घंटे काम... फिर भी इस जॉब के लिए अप्लाई करने से कतरा रहे लोग, जानें क्यों?
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इतनी मोटी सैलरी की पेशकश के बाद भी बहुत ज्यादा लोग इस नौकरी के लिए अप्लाई नहीं कर रहे हैं. क्योंकि इस काम में रिस्क बहुत है. दरअसल, यह नौकरी है Tower Lantern Changer (टावर लालटेन चेंजर) की. इसमें आपको 600 मीटर से ज्यादा ऊंचे सिग्नल टावर पर चढ़कर उसके बल्ब को बदलना होगा.
सिर्फ लाइट बल्ब चेंज करने के बदले 1 करोड़ रुपये सैलरी... पढ़कर आपको हैरानी होगी. लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही जॉब ऑफर सुर्खियों में है. हालांकि, इतनी मोटी सैलरी की पेशकश के बाद भी बहुत ज्यादा लोग इस नौकरी के लिए अप्लाई नहीं कर रहे हैं. क्योंकि इस काम में रिस्क बहुत है. आइए जानते हैं पूरी डिटेल... सोशल मीडिया पर वायरल नौकरी के इस विज्ञापन की मानें तो यह नौकरी है Tower Lantern Changer (टावर लालटेन चेंजर) की, जो अमेरिका के साउथ डेकोटा (South Dakota, US) में निकली है. इसमें आपको 600 मीटर से ज्यादा ऊंचे सिग्नल टावर पर चढ़कर उसके बल्ब को बदलना होगा.
बता दें कि ये टावर सामान्य टावरों से थोड़े अलग होते हैं. जितनी ऊंचाई पर पहुंचते हैं, ऊपरी सिरा काफी पतला होता जाता है. इनकी चोटी (टॉप) पर पहुंचना और वहां खड़े होकर बल्ब बदलना, अपने आप में बेहद काफी कठिन टास्क है. ऊपर चढ़ने के लिए सेफ्टी के तौर महज रस्सी (सेफ्टी केबल) का इस्तेमाल होता है.
नौकरी पाने के लिए कुछ शर्तें
मिरर यूके के मुताबिक, इस नौकरी की सबसे आवश्यक शर्त यह है कि आवेदक को ऊंचाई से डर नहीं लगना चाहिए. वो शारीरिक रूप से एकदम फिट हो. एक साल से कम अनुभव वाले लोग भी अप्लाई कर सकते हैं. सैलरी एक्सपीरियंस पर आधारित होगी. लेकिन शुरुआती इनकम भी सामान्य से बहुत ज्यादा होगी.
कितना मुश्किल है काम?
बताया गया कि जमीन से 600 मीटर के टावर के टॉप पर चढ़ने में लगभग 3 घंटे का समय लगता है. इतना ही समय उतरने में भी लगेगा. यानि नौकरी 6-7 घंटे की होगी. इसके अलावा टावर के टॉप पर 100 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा भी चलती रहती है, जो लाइट बल्ब बदलने के टास्क को और भी चुनौतीपूर्ण बना देती है.

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