
Chandrama Grahan Yog: चन्द्रमा का ग्रहण योग कैसे बढ़ाता है इंसान की मुश्किलें? उपाय भी जान लें
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चन्द्रमा को सबसे ज्यादा दूषित राहु करता है. अगर राहु और चन्द्रमा का योग हो तो इसे शुद्ध रूप से ग्रहण योग कहना चाहिए. चन्द्रमा शनि या चन्द्रमा केतु के योग को ग्रहण योग नहीं कहा जा सकता है.
चन्द्रमा मन का स्वामी होता है और मन को प्रभावित करता है. जब भी चन्द्रमा दूषित होता है तो मानसिक समस्याएं व्यक्ति को खूब परेशान करती हैं. चन्द्रमा को सबसे ज्यादा दूषित राहु करता है. अगर राहु और चन्द्रमा का योग हो तो इसे शुद्ध रूप से ग्रहण योग कहना चाहिए. चन्द्रमा शनि या चन्द्रमा केतु के योग (Chandrama grahan yog) को ग्रहण योग नहीं कहा जा सकता है. ग्रहण योग जब भी कुंडली में हो यह सिर्फ समस्याएं ही पैदा करता है. ग्रहण योग से किस तरह की सामान्य समस्याएं होती हैं? व्यक्ति को सबसे ज्यादा मन की समस्याएँ परेशान करती हैं. उसे मन की और कल्पना की समस्याएं परेशान करती हैं. आमतौर पर भूत-प्रेत बाधा की शिकायत करता रहता है. कभी कभी नींद न आने की भी गंभीर समस्या हो जाती है. उपाय हर हाल में नशा करना और तीखी चीज़ें खाना बंद कर दें. नित्य प्रातः 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करें. एक चांदी का छल्ला दाहिने हाथ के अंगूठे में पहनें.
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