
होमबॉयर्स फंड धोखाधड़ी केसः लालू यादव परिवार के करीबी अमित कात्याल के ठिकानों पर ED की छापेमारी
AajTak
अमित कात्याल को ED ने पिछले साल 'जमीन के बदले नौकरी' घोटाले में गिरफ्तार किया था. जिसमें लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, सांसद बेटी मीसा भारती और कुछ अन्य लोग भी शामिल थे.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के परिवार के करीबी सहयोगी अमित कात्याल की एक रियल्टी और शराब समूह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत दिल्ली-एनसीआर में कई परिसरों पर छापेमारी की गई.
आरोपी अमित कात्याल को केंद्रीय एजेंसी ने पिछले साल रेलवे के 'जमीन के बदले नौकरी' घोटाले में गिरफ्तार किया था. जिसमें लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, सांसद बेटी मीसा भारती और कुछ अन्य बच्चे भी शामिल थे.
सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत दिल्ली, गुरुग्राम और सोनीपत में हरियाणा के कृष्णा बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड के कुल 27 परिसरों की तलाशी ली जा रही है.
कंपनी का प्रचार अमित कात्याल और राजेश कात्याल के हाथों में है. उन्होंने कहा कि यह जांच कंपनी के प्रवर्तकों द्वारा घर खरीदारों के 400 करोड़ रुपये के फंड की कथित हेराफेरी और उसे विदेश में पार्क करने से संबंधित है.
एजेंसी ने आरोप लगाया कि अमित कात्याल ने घर खरीदारों के 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि श्रीलंका भेजी. उन्होंने बताया कि उनके बेटे कृष्ण कात्याल ने अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर कर दिया है और उसे सेंट किट्स एंड नेविस का पासपोर्ट मिल गया है.
आपको बताते चलें कि पिछले साल 'जमीन के बदले नौकरी' मामले में अमित कात्याल को गिरफ्तार किया गया था. फिर अमित कात्याल को 22 नवंबर तक की ईडी हिरासत में भेज दिया गया था. राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान कात्याल के वकील रमेश गुप्ता ने कहा था कि उनके क्लाइंट को कई बीमारियां हैं, जरूरत पड़े तो उनको ईडी नहीं न्यायिक हिरासत में रखा जाना चाहिए. पहले पांच दिन की कस्टडी में रहने के बाद फिर से कात्याल की कस्टडी बढ़ाई गई थी.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








