
हाथ से जुड़ा था प्राइवेट पार्ट, 9 घंटे की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने किया सही जगह अटैच
AajTak
प्राइवेट पार्ट को पहले शख्स के हाथ के साथ अटैच किया गया था. लेकिन 9 घंटे की सर्जरी के बाद उसे सही जगह पर अटैच किया गया.
डॉक्टरों ने एक शख्स के हाथ के साथ अटैच किए गए प्राइवेट पार्ट को आखिरकार 9 घंटे की सर्जरी करके सही जगह फिट कर दिया. प्राइवेट पार्ट शख्स के हाथ के निचले हिस्से में जोड़ा गया था, जो पिछले 6 साल से उसे तकलीफ दे रहा था.
47 वर्षीय इस शख्स का नाम मैल्कम मैकडोनाल्ड (Malcolm MacDonald) है और वो ब्रिटेन का रहने वाला है. 'द सन' की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2010 में ब्लड इंफेक्शन के कारण मैल्कम ने अपना पेनिस गंवा दिया था. जिसके बाद 2015 में एक डॉक्टर ने नया प्राइवेट पार्ट लगाने की योजना बनाई.
लेकिन ऐन मौके पर ब्लड में ऑक्सीजन की कमी के कारण ऑपरेशन नहीं किया जा सका और डॉक्टरों की ओर से तैयार किए गए प्राइवेट पार्ट को अस्थायी रूप से मैल्कम की बांह में लगा दिया गया. दोबारा ऑपरेशन करने में लेट होता चला गया और कोविड संकट आने के बाद ऑपरेशन और भी लंबा खिंच गया.
समय के साथ मैल्कम की दिक्कतें भी बढ़ने लगीं. आखिरकार अब उनके प्राइवेट पार्ट को ऑपरेशन के जरिए सही जगह फिट कर दिया गया है. उनके प्राइवेट पार्ट का निर्माण लंदन के यूनिवर्सिटी कॉलेज अस्पताल में प्रोफेसर David Ralph ने किया था. यह मैल्कम की बांह के मांस से बना था.
मैल्कम की ये हालत लंबे समय तक रहे Perineum Infection के कारण हुई थी. इस इंफेक्शन से Perineum के पास सूजन और दर्द हो सकता है. Perineum श्रोणि तल की मांसपेशियों और जननांगों और यूरिन नली की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं की सुरक्षा करता है.
मैल्कम मैकडोनाल्ड ने Channel 4 Documentary से बातचीत की. उन्होंने बताया कि क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कैसे कोई शख्स अपना प्राइवेट पार्ट 6 साल तक अपनी बांह में लिए घूमता रहा.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










