
हाथ में काली पट्टी बांधकर शिक्षक कर रहे डिजिटल अटेंडेंस का विरोध, देखें वीडियो
AajTak
उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस का शिक्षक विरोध कर रहे हैं. लखनऊ में टीचर्स हाथ में काली पट्टी बांधकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं. उनका कहना है कि वे अटेंडेंस के इस नए तरीके के खिलाफ खड़े हैं.
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल अटेंडेंस के फैसले को लेकर शिक्षक सरकार से नाराज हैं. स्कूलों में टीचर्स काली पट्टी बांधकर अटेंडेंस लगाने के इस नए तरीके का विरोध कर रहे हैं. कल (सोमवार) से स्कूलों में डिजिटल अटेंडेंस लगना शुरू होनी थी लेकिन डिजिटल अटेंडेंस के विरोध में शिक्षकों के तमाम संगठन सामने आ गए हैं और यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई.
हाथ में काली पट्टी बांधकर स्कूलों में पढ़ाते दिखे टीचर्स
डिजिटल अटेंडेंस के खिलाफ हाथ में काली पट्टी बांधे हुए स्कूलों में टीचर्स बच्चों को पढ़ा रहे हैं. दरअसल, उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है कि अबसे यूपी के सभी सरकारी स्कूलों में डिजिटल तरीके से शिक्षकों के स्कूल में आने और जाने का समय नोट किया जाएगा. इसको लेकर शिक्षक संगठन के साथ सरकारी स्कूलों के तमाम टीचर्स विरोध कर रहे हैं. शिक्षक संगठनों से जुड़े अध्यापकों ने जिला मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा है.
आजतक की टीम कल सहारनपुर के प्राइमरी स्कूल पहुंची थी. बातचीत के दौरान स्कूल के टीचर्स ने कहा कि हम यहां पर डिजिटल अटेंडेंस शुरू नहीं करेंगे. वहीं, सहारनपुर की ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) कुमारी कोमल ने कहा कि उनके द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारी को लेटर जारी कर दिया गया है कि वह अपने अपने क्षेत्र में यह देखें कि कौन-कौन टीचर डिजिटल अटैंडेंस दे रहे हैं और कौन-कौन नहीं दे रहे हैं. बीएसए का कहना है कि जो टीचर डिजिटल अटैंडेंस नहीं दे रहे हैं उन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा.
नेटवर्क ना होने के कारण नहीं लग सकी डिजिटल अटेंडेंस
ऐसा ही हाल यूपी के अन्य जिलों का भी है. प्रयागराज में भी प्राथमिक विद्यालयों में शुरू हुई डिजिटल अटेंडेंस को लेकर विरोध हो रहा है. कई टीचर सामने तो आए लेकिन सीधे तौर पर उन्होंने किसी बात को बोलने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा है कि हम शिक्षक संघ के साथ हैं और हम लोग डिजिटल अटेंडेंस के खिलाफ हैं. वहीं, कैमरे के सामने बोलने कतराते भी नजर आए. वहीं, दूसरी तरफ कुछ प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों ने बताया कि डिजिटल अटेंडेंस को लेकर दिक्कते आ रही हैं. प्रयागराज के नीवा प्राथमिक विद्यालय के सुरेश चंद्र प्रधान अध्यापक के मुतबिक वह समय पर तो आ गया, लेकिन मैं प्रयास किया डिजिटल अटेंडेंस में लगा दूं. लेकिन नेटवर्क ना होने के कारण मैं अपनी अटेंडेंस नहीं लगा सका. इसके अलावा जो हमारे दूसरे स्कूल के टीचर भी अपनी अटेंडेंस डिजिटल तरीके नही लगा सके.

Portronics Zeno Go review: पोर्टोनिक्स भारतीय बाजार में मिक्स्ड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के साथ आता है. हम पिछले कुछ दिनों से ब्रांड का मिनी मसाजर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसे रिचार्ज किया जा सकता है. ये डिवाइस पोर्टेबल है, जिसकी वजह से कहीं भी आसानी से कैरी किया जा सकता है. इसमें आपको मल्टीपल मसाज हेड्स मिलते हैं. रिव्यू में हम जानेंगे कि क्या ये एक वैल्यू फॉर मनी डिवाइस है.

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.









