
'हाउस ऑर्डर में नहीं है और बिल पास हो रहे... ये लोकतंत्र के साथ धोखा', राज्यसभा में खड़गे का वार
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राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पास होने को लेकर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सत्तापक्ष को घेरा. उन्होंने कहा कि चर्चा के लिए कहा जा रहा है कि हाउस ऑर्डर में नहीं है और बिल पारित हो रहे हैं. यह लोकतंत्र के साथ धोखा है.
संसद के दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के बीच सोमवार को सत्तापक्ष ने एक के बाद एक, पांच बिल पारित कराए. छठे बिल पर भी संक्षिप्त चर्चा पूरी हो गई है. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे लेकर राज्यसभा में सत्तापक्ष को घेरा और आसन से, नेता सदन से इसे लेकर स्पष्टीकरण की मांग की.
खड़गे ने कहा कि एक बात हमें समझ नहीं आई, कि चर्चा के लिए कहा जा रहा हाउस ऑर्डर में नहीं है और बिल पास हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र के साथ बहुत बड़ा धोखा. खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए. चेयर को, नेता सदन को यह स्पष्ट करना चाहिए. ये कैसा लोकतंत्र है.
विपक्ष के नेता के वार पर पलटवार करते हुए नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता ने कहा लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए. बिल्कुल होनी चाहिए, लेकिन हाउस को बंधक भी नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में तय हुआ कि बिल पास होगा. मणिपुर का बजट जब पास हो रहा था, विपक्ष विरोध कर रहा है.
नेता सदन की बात पूरी होने के बाद आसन से सुरेंद्र सिंह नागर ने मर्चेंट शिपिंग बिल पर चर्चा का जवाब देने के लिए मंत्री सर्बानंद सोनोवाल का नाम लिया. सर्बानंद सोनोवाल ने बोलना शुरू किया. इस दौरान हंगामा इतना बढ़ा, कि कार्यवाही शाम तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी.
कार्यवाही जब फिर शुरू हुई, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज ढाई सौ सांसद वोटों की चोरी के मुद्दे पर मोर्चा निकाले. ढाई सौ सांसदों को गिरफ्तार कर थाने में ले जाया गया. इस पर चेयर ने उन्हें टोका और कहा कि विषय पर बोलिए. नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि बिल पर डिस्कशन हो रहा है, मंत्री जी इसका जवाब दे रहे हैं.
नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि मुझे लगता है कि विपक्ष के नेता जिस विषय पर बात कर रहे हैं, वह अप्रासंगिक है. इसके बाद सर्बानंद सोनोवाल ने जवाब पूरा किया. विपक्षी दल वॉकआउट कर गए. नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि जो लोग मणिपुर के चैंपियन बने घूमते थे, वह लोग मणिपुर बिल का विरोध कर रहे थे.

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