
हर ग्रुप में मुस्लिम चेहरा, 33 मुल्कों का दौरा... पाकिस्तान को बेनकाब करने जा रही 'टीम इंडिया' के 7 डेलिगेशन में कौन-कौन?
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इन सातों डेलिगेशन में शामिल सदस्यों में सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के 31 और विपक्षी दलों के 20 सांसद व पूर्व मंत्री हैं. प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में सात या आठ सदस्य शामिल हैं और उन्हें सहयोग देने के लिए हर प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश सेवा के कम से कम एक अधिकारी को अटैच किया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर भारत का रुख दुनिया के सामने रखने के लिए केंद्र सरकार ने सात डेलिगेशन गठित किए हैं, जिनमें विभिन्न दलों के 51 सांसद और पूर्व मंत्री शामिल हैं. इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय के 8 अधिकारी भी इन प्रतिनिधिमंडलों का हिस्सा हैं. बैजयंत पांडा, रविशंकर प्रसाद (दोनों भाजपा), संजय कुमार झा (जदयू), श्रीकांत शिंदे (शिवसेना), शशि थरूर (कांग्रेस), कनिमोझी करुणानिधि (डीएमके) और सुप्रिया सुले (राकांपा-सपा) के नेतृत्व में ये सातों प्रतिनिधिमंडल कुल 32 देशों और आखिरी में सभी 59 सदस्य बेल्जियम के ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ मुख्यालय का दौरा करेंगे.
इन सातों डेलिगेशन में शामिल सदस्यों में सत्ताधारी गठबंधन एनडीए के 31 और विपक्षी दलों के 20 सांसद व पूर्व मंत्री हैं. प्रत्येक प्रतिनिधिमंडल में सात या आठ सदस्य शामिल हैं और उन्हें सहयोग देने के लिए हर प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश सेवा के कम से कम एक अधिकारी को अटैच किया गया है. सभी प्रतिनिधिमंडलों में कम से कम एक मुस्लिम प्रतिनिधि है, चाहे वह राजनेता हो या राजनयिक. कांग्रेस द्वारा सुझाए गए चार नामों में से सिर्फ आनंद शर्मा को प्रतिनिधियों की सूची में शामिल किया गया. शेष तीन नाम- गौरव गोगोई, सैयद नसीर हुसैन और अमरिंदर सिंह राजा वारिंग- को सूची में शामिल नहीं किया गया है.
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शशि थरूर के अलावा कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, अमर सिंह और सलमान खुर्शीद भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं. चार नेताओं में से केवल एक को ही स्थान दिए जाने पर कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आपत्ति जताई है. उन्होंने एक बयान में कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार की पूर्ण निष्ठाहीनता को साबित करता है तथा गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर उसके द्वारा खेले जाने वाले सस्ते राजनीतिक खेल को दर्शाता है. हालांकि, विपक्षी पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार के आग्रह पर शामिल किए गए चार प्रतिष्ठित कांग्रेस सांसद/नेता निश्चित रूप से प्रतिनिधिमंडल के साथ जाएंगे और अपना योगदान देंगे.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'एक मिशन. एक संदेश. एक भारत. सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही ऑपरेशन सिंदूर के तहत प्रमुख देशों से संपर्क करेंगे, जो आतंकवाद के खिलाफ हमारे सामूहिक संकल्प को दर्शाता है.' प्रतिनिधिमंडल में पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, एमजे अकबर, आनंद शर्मा, वी मुरलीधरन, सलमान खुर्शीद और एसएस अहलूवालिया शामिल हैं, जो वर्तमान में संसद सदस्य नहीं हैं.
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