
हमास ने इजरायल की 3 महिला बंधकों को रिहा किया, बाइडेन बोले- आज गाजा में बंदूकें शांत हो गईं
AajTak
गाजा में हमास ने तीन इजरायली बंधकों की रिहाई की है, जिसके बदले 90 फिलिस्तीनी कैदियों को आजाद किया जाना है. हमास ने पुष्टि कर दी है कि उसने तीन महिला बंधकों को पश्चिमी गाजा शहर में इजरायली संस्था रेड क्रॉस के हवाले कर दिया है. बंधकों की रिहाई के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि इतने दर्द और विनाश के बाद, आज गाजा में बंदूकें शांत हो गई हैं.
गाजा पट्टी में बंधकों की रिहाई के लिए युद्धविराम लागू होने के बाद तीन इजरायली बंधक - रोमी गोनन, एमिली डामारी और डोरोन स्टीनब्रेखर - को हमास ने रिहा कर दिया है. हमास ने इन तीनों बंधकों को इजरायली संस्था रेड क्रॉस के हवाले कर दिया है. हमास की तरफ से भी इसकी पुष्टि कर दी गई है. बंधकों की रिहाई के बाद एक बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, "आज गाजा में बंदूकें शांत हो गई हैं."
तस्वीरों में इजरायली बंधक रोमी गोनन, एमिली डामारी और डोरोन स्टीनब्रेखर को बिना किसी मदद के चलते हुए देखा जा सकता है. हमास की तरफ से भी पुष्टि की गई है कि आधिकारिक रूप से तीन महिला बंधकों को पश्चिमी गाजा सिटी में अल-सराया स्क्वायर पर रेड क्रॉस को सौंप दिया गया. यह तब हुआ जब रेड क्रॉस के एक सदस्य ने हमास फाइटर्स से मुलाकात की और वे बंधकों के स्वास्थ्य के बारे में सुनिश्चित हो गए.
यह भी पढ़ें: 46000 मौतें, हजारों ने गंवाए हाथ-पैर... इजरायल-हमास जंग में कितना बर्बाद हुआ गाजा?
'आज गाजा में बंदूकें शांत हो गई हैं' - बाइडेन
इजरायली बंधक रिहा किए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक बयान में कहा, "गाजा युद्ध विराम समझौता सफल हो गया है. सैकड़ों सहायता ट्रक गाजा में प्रवेश कर रहे हैं. इतने दर्द और विनाश के बाद, आज गाजा में बंदूकें शांत हो गई हैं. हम मध्य पूर्व में बड़े युद्ध के बिना यहां पहुंचे हैं, जिसकी कई लोगों ने भविष्यवाणी की थी. अब गाजा समझौते को लागू करने की जिम्मेदारी ट्रंप प्रशासन पर है. हमास के फिर से संगठित होने की कोई चिंता नहीं है.
तीन बंधकों के बदले रिहा किए जाएंगे 90 फिलिस्तीनी

पाकिस्तान और चीन खुद को 'आयरन ब्रदर्स' कहते हैं, यानी ऐसी दोस्ती जो लोहे जैसी मजबूत है. लेकिन लोहे की एक फितरत होती है-अगर उसे खुले में और तूफानों में अनदेखा छोड़ दिया जाए, तो उसमें ज़ंग लग जाती है. आज पाकिस्तान ने अपनी इसी 'फौलादी दोस्ती' को अफगानिस्तान के साथ जंग और बलूच आतंकवाद की आंधी में झोंक दिया है.

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने ईरान के परमाणु शक्ति के बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होनें कहा कि ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा था. साथ ही खामेनेई ने ये भी कहा कि ईरान कभी परमाणु शक्ति नहीं बनना चाहता था. साथ ही खामेनेई ने कहा कि जबतक मिडिल ईस्ट में विदेशी शक्तियां रहेंगी तबतक क्षेत्र में स्थिरता नहीं रहेगी.











