
'हमारे ऊपर कब बम गिर जाए, पता नहीं है', यूक्रेन में फंसी भारतीय छात्रा ने बयां किया दर्द
AajTak
रूस के हमले के कारण यूक्रेन में भारी तबाही हुई है. यूक्रेन में करीब 16 हजार भारतीय फंसे हैं. हरियाणा के फतेहाबाद की सुप्रिया और निशा भी यूक्रेन में फंसी हैं और सरकार से वापस लाने की गुहार लगा रही हैं.
रूस के हमले से यूक्रेन पस्त है. एक के बाद एक यूक्रेन के तमाम बड़े शहरों और रक्षा ठिकानों को रूस ने निशाना बनाया. राजधानी कीव को चारों ओर से घेर लिया गया है. परमाणु प्लांट चेरनोबिल पर भी रूस का कब्जा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति के मुताबिक, 137 लोगों की जान चली गई. जबकि यूक्रेन के दावा है कि 50 रूसी सैनिक भी मारे गए.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









