
सोशल मीडिया पर विज्ञापन, सस्ता माल देने का भरोसा और... ऐसे ठगी करते थे शातिर
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दिल्ली में 29 सितंबर को एक शख्स ने पुलिस को शिकायत दी थी. कहा था कि उसकी अपनी दुकान है, जहां वो लोहे की रॉड और सरिया बेचने का काम करता है. 12 सितंबर को वो किसी बड़े लोगे कारोबारी के बारे में ऑनलाइन सर्च कर रहा था. तभी सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन नजर आया जो अच्छा सरिया सस्ते दाम पर दे रहा था.
उत्तर पूर्वी दिल्ली की साइबर थाने ने दो ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है जो सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर लोगों को शिकार बनाते थे. विज्ञापन में वो खुद को सरिया का बड़ा कारोबारी बताते थे. विज्ञापन के जरिए वो लोगों को यह विश्वास दिलाते थे कि उनके पास सबसे अच्छा सरिया है और जो बाजार से काफी सस्ते दाम पर है.
विज्ञापन देखकर लोग फोन करते और ये लोग बड़ी-बड़ी बातें करके झांसे में लेते थे. इसके बाद ऑर्डर मिलने पर 50 फीसदी एडवांस पैसा लेते और कुछ देर बाद नंबर हमेशा के लिए बंद कर देते थे. पुलिस ने इस गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनके नाम दीपक कुमार और जितेंद्र कुमार हैं. दोनों बिहार के किसी शहर में बैठकर देश के अलग-अलग हिस्सों में सोशल मीडिया के जरिए विज्ञापन देते थे.
29 सितंबर को प्रद्युम्न तिवारी नाम के शख्स ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दी थी. कहा था कि उसकी अपनी दुकान है. जहां वो लोहे की रॉड और सरिया बेचने का काम करते हैं. 12 सितंबर को वो किसी बड़े लोगे कारोबारी के बारे में ऑनलाइन सर्च कर रहे थे. तभी सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन नजर आया जो अच्छा सरिया सस्ते दाम पर दे रहा था.
इसके बाद विज्ञापन में दिए गए नंबर पर कॉल की और 13 लाख 33 हजार रुपये का सौदा तय हुआ. इसके बाद उसने पचास प्रतिशत रकम यानी कि 6 लाख सत्तर हजार रुपये दो अकाउंट में जमा करा दिए. फिर आरोपियों ने मोबाइल नंबर बंद कर लिए.
एडवांस रुपये लेकर फोन बंद कर देते थे आरोपी
ठगी का शिकार होने के अहसास पर उसने थाने में एफआईआर दर्ज कराई और एक अकाउंट में जमा तीन लाख की रकम फ्रिज करा दी. इसके बाद टेक्निकल जांच और मनी ट्रेल के जरिए पुलिस ने बिहार से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया.

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