
सोना-चांदी महंगी हो या सस्ती हो, लेकिन स्मार्टफोन-AC की कीमतों पर तुरंत क्यों नहीं पड़ता असर?
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सोना और चांदी का यूज स्मार्टफोन, गैजेट, कंप्यूटर और लैपटॉप आदि में होता है. जहां सोना-चांदी की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिलता है, लेकिन फोन और AC की कीमतों में ऐसा बदलाव नहीं दिखाई देता है. इसका बड़ा कारण है कि सोना और चांदी अधिकतर कमोडिटी मार्केट पर निर्भर होती हैं, जबकि स्मार्टफोन, AC कंज्यूमर प्रोडक्ट हैं और उनकी कीमत अलग सर्पोटेड सप्लाई-चेन मॉडल पर बेस्ड होती हैं.
सोनी-चांदी की कीमत में जहां हाल ही के दिनों में तेजी आई थी, अब उसी रफ्तार से चांदी के दाम दोबारा नीचे की तरफ लौट रहे हैं. इन दोनों ही मैटेरियल का इस्तेमाल कई इलेक्ट्रोनिक इक्विपमेंट और गैजेट में होता है, जिनमें स्मार्टफोन, कंप्टूयर, लैपटॉप और AC का नाम भी शामिल है.
अब सवाल आता है कि सोना-चांदी के दाम में आए आए दिन बदलाव होता रहता है, तो स्मार्टफोन और AC की कीमतें लंबे समय तक स्टेबल कैसे रहती हैं. इसका जवाब है कि सोना और चांदी अधिकतर कमोडिटी मार्केट होती हैं, जबकि स्मार्टफोन, AC कंज्यूमर प्रोडक्ट हैं और उनकी कीमत अलग सर्पोटेड सप्लाई-चेन मॉडल पर बेस्ड होती हैं.
जानकारी के मुताबिक, स्मार्टफोन, टैबलेट, कंप्यूटर और लैपटॉप आदि में सोना और चांदी का यूज बहुत ही कम मात्रा में किया जाता है. इसका यूज सर्किट बोर्ड, सीपीयू और अन्य पार्ट्स में किया जाता है क्योंकि यह इलेक्ट्रिसिटी का गुड कंडक्टर है और इस पर जंग नहीं लगती है. एक अनुमान के मुताबिक, एक स्मार्टफोन के अंदर औसतन 0.02–0.05 ग्राम सोना का यूज होता है
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0.02 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड की कीमत दिल्ली में करीब 500 रुपये से भी कम है और स्मार्टफोन के अंदर 24 कैरेट गोल्ड यूज नहीं होता है और उसमें और भी मैटेरियल होते हैं. ऐसे में स्मार्टफोन में लगने वाले सोने की कीमत 100 रुपये से भी कम हो जाती है.
एक स्मार्टफोन में 0.2–0.35 ग्राम चांदी का यूज होता है, जिसकी कीमत 80 रुपये से 100 रुपये के बीच आती है. इसका इस्तेमाल सोल्डरिंग पेस्ट आदि में किया जाता है.

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