
सेक्स चेंज कराकर लड़की से बनी लड़का, अब हो रहा पछतावा
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सिनैड वाटसन की उम्र अब 31 साल है. उनका जन्म साल 1991 में ग्लास्गो में हुआ था. जब जन्म हुआ तो वह लड़की थीं. लेकिन बाद में उन्होंने सेक्स चेंज सर्जरी करा लिया.
जेंडर चेंज (जिसे सेक्स चेंज सर्जरी भी कहते हैं) कराने की कई कहानियां हाल के समय में सामने आई हैं. ऐसा आमतौर पर वे लोग कराते हैं जो पैदा एक जेंडर में होते हैं, लेकिन उनका स्वभाव दूसरे जेंडर वालों की तरह होता है. लेकिन ब्रिटेन की एक युवती का कहना है कि उन्हें जेंडर चेंज कराने के बाद समस्याएं होने लगीं और उन्होंने दोबारा से महिला के रूप में जीने का का फैसला किया.
ब्रिटेन की 31 साल की सीनैड वाटसन का जन्म लड़की के रूप में हुआ. लेकिन 20 साल की उम्र में पहुंचने के बाद वह खुद को पुरुष मानने लगीं. फिर उन्होंने हार्मोन ट्रीटमेंट कराया और सर्जरी भी कराई. लेकिन 27 साल की होने पर उन्होंने Testosterone लेना बंद कर दिया और वापस महिला के तौर पर जीने की कोशिश करने लगीं.
सीनैड वाटसन का कहना है कि डॉक्टरों ने उनकी सही से काउंसिलिंग नहीं की, जिसकी वजह से उन्हें दिक्कत हुई. उन्होंने कहा कि टीनेज के दौरान उन्हें यौन उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा था और इस घटना के प्रभाव के तौर पर उन्होंने जेंडर चेंज कराया था. उन्होंने कहा कि थेरेपिस्ट ने कभी भी उनकी समस्याओं को नहीं सुलझाया.
करीब 4 साल पहले 27 साल की उम्र में उन्हें अहसास हुआ कि उन्होंने लड़का बनकर एक बड़ी गलती कर डाली. 28 साल की उम्र में Detransitioning शुरू कर दिया.
सिनैड के अनुसार, इसकी शुरुआत गूगल सर्च से हुई. उन्होंने गूगल पर टाइप किया, 'I hate being a woman. What can I do?’ मतलब कि मैं खुद के महिला होने से नफरत करती हूं, मुझे क्या करना चाहिए?
इसके बाद साल 2014 में वह सैंडीफोर्ड ग्लास्गो जेंडर क्लीनिक पहुंचीं, यहां उनकी मामूली काउंसिलिंग हुई. उन्हें इलाज के लिए 12 महीनों की वेटिंग लिस्ट मिली.

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