
सेंट्रल विस्टा परियोजना: उखाड़कर कहीं और लगाए गए 402 पेड़ों में से केवल 30 फीसदी जीवित बचे
The Wire
वन विभाग ने दिल्ली हाईकोर्ट को एक हलफनामा सौंपा है, जिसमें बताया गया है कि निर्माण के दौरान केंद्र सरकार की बहुप्रतीक्षित ‘सेंट्रल विस्टा परियोजना’ के दौरान उखाड़े गए 400 से अधिक पेड़ों में से केवल 121 जीवित बचे हैं.
नई दिल्ली: नए संसद भवन निर्माण की मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना में उखाड़े गए 400 से अधिक पौधे जिन्हें कहीं और लगा दिया गया था, उनमें से केवल 121 ही बच पाए हैं. Two images to show what it means that the trees transplanted for Central Vista didn’t survive in the world’s most polluted cities. pic.twitter.com/zyYQwfymf4 Did we expect anything else?#trees #centralvista #transplantation #falsesolution
यह खुलासा इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में हुआ है. यह रिपोर्ट इस साल मई में वन विभाग द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट को एक हलफनामे के रूप में सौंपे गए आंकड़ों पर आधारित है. — serish (@serish) August 30, 2022 Many trees transplanted for Central Vista didn’t survive, forest dept data shows https://t.co/aTnIZebeYq
‘प्लॉट नंबर 118 पर मौजूदा संसद भवन का प्रस्तावित विस्तार और जीर्णोद्धार’ शीर्षक वाली परियोजना के लिए पेड़ों को प्रत्यारोपित किया गया था. — Kanchi Kohli (@kanchikohli) August 31, 2022
प्रत्यारोपित किए गए पेड़ों की वास्तविक संख्या में से केवल 30 फीसदी ही जीवित बचे हैं, जो कि केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) द्वारा अपने हलफनामे में बताई गई संख्या 266 से बेहद कम हैं.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच केंद्र सरकार भले ही एलपीजी की किल्लत से इनकार कर रही है लेकिन गैस एजेंसियों पर लंबी क़तारें हैं. गैस की किल्लत से जूझते लोगों के वीडियो सोशल मीडिया पर आ रहे हैं. वहीं, दिल्ली में कुछ अटल कैंटीन बंद हैं, कई हॉस्टल मेस और गुरुद्वारों में लंगर भी सिलेंडर की कमी प्रभावित हो रहे हैं.

मनरेगा के राज्य-स्तरीय तथ्य एक राजनीतिक रूप से असहज स्वरूप दिखाते हैं. यह कार्यक्रम उन इलाकों में सबसे सफल नहीं रहा जहां ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी, बल्कि वहां बेहतर रहा जहां प्रशासनिक ढांचा मज़बूत और राजनीतिक इच्छाशक्ति स्पष्ट थी. केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है, ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?

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