
सुप्रीम कोर्ट गोपनीय चुनावी बॉन्ड मामले पर सुनवाई क्यों नहीं कर रहा है
The Wire
वित्त मंत्रालय के निर्देश पर चुनावी बॉन्ड के 18वें चरण की बिक्री शुरू हो गई है और यह 10 अक्टूबर तक चलेगी. हालांकि कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गोपनीय चुनावी बॉन्ड को जारी रखने को लेकर चिंता ज़ाहिर की है और सर्वोच्च न्यायालय से इसमें तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है.
नई दिल्ली: वित्त मंत्रालय ने चुनावी बॉन्ड के 18वें चरण की बिक्री की घोषणा की है. इसे लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है, जहां कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने चुनावी बॉन्ड की गोपनीयता पर गंभीर चिंता जाहिर की है. Election Commission had in 2017 raised serious concerns on Electoral Bonds similar to those raised in our SC petition. Hope SC gives a speedy hearing to all petitions as 18th phase of EBs sale has been announced in the run up to State Assembly elections.https://t.co/GkwNTUURiP
उन्होंने कहा है कि इस तरह के गोपनीय चंदे के चलते देश की चुनावी प्रक्रिया पर काफी बुरा प्रभाव पड़ रहा है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से भी गुजारिश की है कि वे इस मामले पर तत्काल सुनवाई कर अपना अंतिम निर्णय दें. — Sitaram Yechury (@SitaramYechury) September 30, 2021
मंत्रालय ने बीते बुधवार को कहा कि चुनावी बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की 29 विशेष शाखाओं में बेचे जाएंगे और यह 1,000 रुपये, एक लाख रुपये, 10 लाख रुपये और एक करोड़ रुपये की राशि में उपलब्ध होंगे. ये बॉन्ड एक अक्टूबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक बेचे जाएंगे.
इसे लेकर माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि चुनाव आयोग ने साल 2017 में चुनावी बॉन्ड पर कई चिंताएं जाहिर की थीं और इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.

यह त्रासदी नवंबर 2014 में बिलासपुर ज़िले के नेमिचंद जैन अस्पताल (सकरी), गौरेला, पेंड्रा और मरवाही में आयोजित सरकारी सामूहिक नसबंदी शिविरों के दौरान हुई थी. ज़िला अदालत ने आरोपी सर्जन को ग़ैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया और दो साल की क़ैद, 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया.

वी-डेम की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 92 तानाशाही वाले देश और 87 लोकतांत्रिक देश मौजूद थे. भारत अभी भी 'चुनावी तानाशाह' बना हुआ है, इस श्रेणी में वह 2017 में शामिल हुआ था. 179 देशों में सें भारत लिबरल डेमोक्रेसी इंडेक्स में 105वें स्थान पर है. पिछले वर्ष यह 100वें स्थान पर था.

बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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बीते 3 फरवरी को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान लोकसभा द्वारा पारित एक प्रस्ताव के बाद अनुशासनहीन व्यवहार के लिए सात कांग्रेस सांसदों और एक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद को निलंबित कर दिया गया था. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई थी, जिसमें इन सदस्यों का निलंबन वापस लेने पर सहमति बनी.

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