
सुपर ओवर में वैभव को नहीं भेजने पर कप्तान जितेश शर्मा ने दी सफाई, हार के लिए किसे बताया जिम्मेदार?
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वैभव सूर्यवंशी ने बांग्लादेश-ए के खिलाफ सेमीफाइनल में चार छक्के और दो चौके की मदद से तूफानी 38 रन बनाए. वैभव को सुपर ओवर में बैटिंग के लिए नहीं भेजा गया. यह निर्णय बैकफायर कर गया.
भारत-ए टीम को एसीसी मेन्स राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2025 के सेमीफाइनल में बांग्लादेश-ए के हाथों सुपर ओवर में हार झेलनी पड़ी. 21 नवंबर (शुक्रवार) को दोहा के वेस्ट एंड पार्क इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुए इस मैच को भारत-ए टीम सुपर ओवर तक ले गई, जिसका श्रेय विरोधी टीम की कमजोर फील्डिंग को भी जाता है. सुपर ओवर में टीम मैनेजमेंट की सबसे बड़ी गलती सामने आई. उन्होंने सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को बल्लेबाजी के लिए नहीं भेजा और वही फैसला भारी पड़ गया.
सुपर ओवर में तेज गेंदबाज रिपन मोंडोल की पहली ही गेंद पर कप्तान जितेश शर्मा रैम्प शॉट खेलने की कोशिश में बोल्ड हो गए. इसके बाद अगली गेंद पर आशुतोष शर्मा ने बड़ा शॉट मारने की कोशिश की, लेकिन शॉट एक्स्ट्रा कवर पर कैच दे बैठे. नतीजा यह हुआ कि बांग्लादेश-ए को जीत के लिए सिर्फ 1 रन बनाने थे, जिसे उसने 5 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया.
वैभव सूर्यवंशी को सुपर ओवर में नहीं भेजने का निर्णय इसलिए और भी चौंकाने वाला था क्योंकि उन्होंने इस मुकाबले में 15 बॉल पर ताबड़तोड़ 38 रन बनाए थे. भारतीय पारी के पहले ही ओवर में वैभव ने 19 रन कूट डाले थे. अब वैभव सूर्यवंशी को सुपर ओवर में नहीं भेजने पर कप्तान जितेश शर्मा का बयान आया है. जितेश ने कहा कि ये टीम मैनेजमेंट का फैसला था, जिसमें अंत में उनकी भी सहमति थी. जितेश ने हार की पूरी जिम्मेदारी भी ली.
हमारे लिए सीख काफी जरूरी: जितेश शर्मा जितेश शर्मा ने मैच के बाद कहा, 'काफी अच्छा खेल हुआ, हमारे लिए यह अच्छी सीख रही. मैं सारी जिम्मेदारी लेता हूं, एक सीनियर होने के नाते मुझे खेल खत्म करना चाहिए. हमारे लिए हार-जीत नहीं, सीख जरूरी है. कौन जानता है कि एक दिन यही लड़के भारत के लिए वर्ल्ड कप भी जीत जाएं. टैलेंट के मामले में ये आसमान छू रहे हैं, इन्हें सिर्फ अनुभव की जरूरत है.'
जितेश शर्मा ने आगे कहा, ' मेरा विकेट टर्निंग प्वाइंट था. मुझे पता है कि इन परिस्थितियों में खुद को कैसे संभालना होता है. उन्होंने वास्तव में अच्छी गेंदबाजी की. जिसने भी 19वां ओवर फेंका, उसका श्रेय उसे जाता है. पूरे 20 ओवर हम नियंत्रण में थे, किसी को दोष मत दिया जाए. यह एक अच्छा मुकाबला था.'
सुपर ओवर को लेकर लिए गए फैसले पर जितेश शर्मा ने कहा, 'वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य पावरप्ले के मास्टर हैं. लेकिन डेथ ओवर्स में आमतौर पर मैं, आशुतोष और रमनदीप सिंह ही बिंग हिटिंग की जिम्मेदारी लेते हैं. इसलिए सुपर ओवर के लिए कौन बल्लेबाजी करेगा, इसका फैसला टीम का था और अंत में मेरा भी. बांग्लादेश का जो खब्बू बल्लेबाज था, उसने कमाल का खेला. इतने प्रेशर में ऐसे शॉट खेलना आसान नहीं होता. उसका भी भविष्य बेहतरीन है.'

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