
सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार... कर्नाटक CM की रेस में शामिल दो नामों में कौन कितना पढ़ा-लिखा
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कर्नाटक के दिग्गज नेता सिद्धारमैया कुर्सी के प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं. पहले जेडीएस में रहे सिद्धारमैया 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मतभेद के बाद कांग्रेस में आ गए. फिर अपने करियर में उन्होंने कुल 8 विधानसभा चुनाव जीते, जिसमें से 4 बार वो कांग्रेस प्रत्याशी थे. साल 2013 में कांग्रेस ने उनको मुख्यमंत्री बनाया था, ऐसे में इस बार फिर से शायद वो सीएम बन रहे हैं.
कर्नाटक में शानदार जीत और स्पष्ट बहुमत पाकर कांग्रेस के सामने मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान का वक्त है. यह पार्टी हाईकमान पर है कि वो किसे मुख्यमंत्री बनाएगी. इससे पहले कांग्रेस के दो दिग्गज DK शिवकुमार-सिद्धारमैया के सीएम रेस में नाम सामने आ रहे थे. आइए जानते हैं कि दोनों में कौन कितना पढ़ा-लिखा है?
कर्नाटक के दिग्गज नेता सिद्धारमैया कुर्सी के प्रबल दावेदार बताए जा रहे हैं. पहले जेडीएस में रहे सिद्धारमैया 2005 में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा से मतभेद के बाद कांग्रेस में आ गए. फिर अपने करियर में उन्होंने कुल 8 विधानसभा चुनाव जीते, जिसमें से 4 बार वो कांग्रेस प्रत्याशी थे. साल 2013 में कांग्रेस ने उनको मुख्यमंत्री बनाया था, ऐसे में इस बार फिर से उनके नाम को लेकर ही फाइनल बताया जा रहा है.
वकील रहे हैं किसान परिवार में जन्मे सिद्धारमैया अब बात करते हैं सिद्धारमैया के बचपन की जर्नी से लेकर एजुकेशनल बैकग्राउंड की. द हिंदू के लेख में छपे लेख के अनुसार उनका जन्म मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा के पास वरुणा होबली में सिद्धारमनहुंडी नामक एक दूरस्थ गांव में सिद्धारमे गौड़ा और बोरम्मा के घर हुआ था. एक किसान परिवार में जन्म लेकर संघर्षों से पलने वाले सिद्धारमैया की दस साल की उम्र तक कोई औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं हुई थी, लेकिन उन्होंने आगे चलकर बी.एससी पास की. इसके बाद मैसूर विश्वविद्यालय से एलएल.बी.की पढ़ाई की. वो पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर हैं और वह कुरुबा गौड़ा समुदाय से हैं.
वकालत की पढ़ाई करने के बाद सिद्धारमैया मैसूर में एक वकील, चिक्काबोरैया के अधीन जूनियर थे और बाद में उन्होंने कुछ समय के लिए कानून पढ़ाया. कानून की पढ़ाई करने वाले सिद्धारमैया को समाज के लिए एक अलग ही चिंता थी. उन्हें यही बात राजनीति में ले आई और उन्होंने एक वकील से मुख्यमंत्री तक की जर्नी पूरी की.
पोस्ट ग्रेजुएट हैं डीके शिवकुमार उनके सामने दूसरा नाम डीके शिवकुमार का है. वो कनकपुरा विधानसभा सीट से मैदान में उतरे थे. उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता आर अशोक को हराकर अपनी पहचान और पुखता की हे. इससे पहले भी वो इसी सीट से साल 2008, 2013 और 2018 का चुनाव जीत चुके हैं. अगर उनकी एजुकेशनल लाइफ की बात करें तो शिक्षा में भी वो काफी आगे रहे. डीके शिवकुमार पोस्ट ग्रेजुएट हैं. उन्होंने कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी से 2006 में पॉलिटिकल साइंस से मास्टर डिग्री हासिल की. वो नेता के अलावा कृषि के व्यवसाय से भी जुड़े हैं.

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