
सिखों को हिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए..., किसान आंदोलन को भड़का रहा था अमृतपाल सिंह, पुराना लुक आया सामने
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Aajtak की पड़ताल में अमृतपाल सिंह का अनदेखा लुक सामने आया है. अमृतपाल दुबई में ही रेडक्लाइज हो चुका था. दुबई में बैठे अमृतपाल ने किसान आंदोलन के दौरान कहा था, सुसाइड और मर्डर दोनों एक तरह की हिंसा है. लिहाजा, सिख को हिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए. किसान आंदोलन अपने अंजाम तक पहुंच जाएगा.
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह को लेकर लगातार नए खुलासे होते जा रहे हैं. दुबई में बैठकर अमृतपाल सोशल मीडिया के जरिए भारत में चल रहे किसान आंदोलन को भड़काने में जुटा रहता था. यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नफरत, सीएए और एनआरसी समेत कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर भी खालिस्तानी समर्थक लगातार बयानबाजी करता था.
Aajtak की पड़ताल में अमृतपाल सिंह का अनदेखा लुक सामने आया है. अमृतपाल दुबई में ही रेडक्लाइज हो चुका था. दुबई में बैठे अमृतपाल ने किसान आंदोलन के दौरान कहा था, सुसाइड और मर्डर दोनों एक तरह की हिंसा है. लिहाजा, सिख को हिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए. किसान आंदोलन अपने अंजाम तक पहुंच जाएगा.
अमृतपाल एक वीडिया में कहता नजर आया, पीएम मोदी पर भरोसा नहीं किया जा सकता. सिख नौजवानों को मोदी पर भरोसा नहीं करना चाहिए. मोदी अपनी काबिलियत से नहीं, बल्कि एक रिलीजन के वोट से सत्ता में आए हैं.
उसने अपने भड़काऊ बयान में आगे कहा, सिखों की तिरंगा हाथ में नहीं लेना चाहिए. तिरंगा सिर्फ कमजोर बनाता है.अगर सरकार कहती है कि हिंदू राष्ट्र बनाना है तो ऐसे में सिखों खुलकर खालिस्तान की मांग करनी चाहिए. भिंडरावाला हमारे हीरो थे. भिंडरावाला ने हमारे संघर्ष के लिए एक जमीन तैयार की थी. विदेशी मदद से भिंडरावाला ने भारत के खिलाफ युद्ध का एलान किया था.
खालिस्तानी समर्थक को यह कहते भी सुना जा सकता है, पीएम मोदी ने CAA और NRC के नाम पर अल्पसंखकों की पिटाई की और बहुसंख्यकों ने इसका समर्थन किया. मोदी ने कश्मीर से बलपूर्वक धारा 370 हटा कर उस पर कब्जा कर लिया.
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