
सिंधु जल विवाद को लेकर वियना में बैठक, भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
AajTak
भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने वियना में बुलाई गई एक विशेष बैठक में हिस्सा लिया. दो दिवसीय इस बैठक के विषय में भारतीय विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारत के मुख्य अधिवक्ता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे यहां मौजूद रहे. बैठक में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जल संसाधन विभाग के सचिव ने किया.
भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने वियना में बुलाई गई एक विशेष बैठक में हिस्सा लिया. ये बैठक एक तटस्थ विशेषज्ञ की ओर से बुलाई गई थी, जिसका उद्देश्य किशनगंगा और रतले पनबिजली परियोजनाओं पर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद के समाधान था. यह बैठक इस विवाद को सुलझाने के लिए हो रही कार्यवाही का हिस्सा थी. विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी में सामने आया है कि 20-21 सितंबर को वियना में हुई इस बैठक में भारत के प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया है.
हरीश साल्वे ने की पैरवी दो दिवसीय इस बैठक के विषय में भारतीय विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को बताया कि भारत के मुख्य अधिवक्ता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे यहां मौजूद रहे. बैठक में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जल संसाधन विभाग के सचिव ने किया. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि भारत की भागीदारी सैद्धांतिक रुख के अनुरूप है और इसके अनुसार, विशेषज्ञ कार्यवाही ही एकमात्र उपाय है. विदेश मंत्रालय ने इसे किशनगंगा और रतले जलविद्युत परियोजनाओं (एचईपी) से संबंधित मुद्दों के समान सेट पर अवैध रूप से गठित मध्यस्थता न्यायालय द्वारा की जा रही समानांतर कार्यवाही में भाग लेने से भारत के इनकार का कारण बताया.
जुलाई में भारत ने दिया था ये बयान विदेश मंत्रालय के अनुसार तटस्थ विशेषज्ञ कार्यवाही जारी है और कुछ समय तक जारी रहने की उम्मीद है. इसमें कहा गया है कि भारत सिंधु जल संधि के प्रावधानों के अनुसार मुद्दों के समाधान का समर्थन करने वाले तरीके से जुड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. इससे पहले जुलाई में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत को इसमें भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.
क्या है सिंधु जल समझौता सिंधु जल समझौता तत्कालीन भारतीय प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तानी मिलिट्री जनरल अयूब खान के बीच कराची में सितंबर 1960 में हुआ था. लगभग 62 साल पहले हुई सिंधु जल संधि (IWT) के तहत भारत को सिंधु तथा उसकी सहायक नदियों से 19.5 प्रतिशत पानी मिलता है. जबकि पाकिस्तान को लगभग 80 प्रतिशत पानी मिलता है. भारत अपने हिस्से में से भी लगभग 90 प्रतिशत पानी ही उपयोग करता है.
1960 में हुआ था विभाजन 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु घाटी को छह नदियों में विभाजित करते हुए इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे. इस समझौते के तहत दोनो देशों के बीच प्रत्येक साल सिंधु जल आयोग की वार्षिक बैठक होना अनिवार्य है. सिंधु जल संधि को लेकर पिछली बैठक 30-31 मई 2022 को नई दिल्ली में हुई थी. इस बैठक को दोनों देशों ने सौहार्दपूर्ण बताया था. पू्र्वी नदियों पर भारत का अधिकार है. जबकि पश्चिमी नदियों को पाकिस्तान के अधिकार में दे दिया गया. इस समझौते की मध्यस्थता विश्व बैंक ने की थी.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के अली लारिजानी और बसीज कमांडर को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की व्यवस्था को कमजोर करना है. नेतन्याहू के अनुसार, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर सैन्य सहयोग जारी है और आगे भी कई बड़ी योजनाएं तैयार हैं.

आज ममता ने ऐलान किया कि, वो नंदीग्राम से नहीं बल्कि भवानीपुर से ही चुनाव लड़ेंगी. यानी एक बार फिर ममता vs शुभेंदु का राउंड 2 देखने को मिलेगा. इधर, ममता बनर्जी बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले को लेकर लेकर बेहद खफा हैं. पहले उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को चिट्ठी लिखकर तबादलों को चुनाव से प्रेरित बताया और आज तो सीधे सीधे चुनाव आयोग को बीजेपी आयोग करार दे दिया. ममता और टीएमसी लगाकर दावा कर रहीं हैं कि, बीजेपी चुनाव जीतने के लिए चुनाव आयोग का सहारा ले रही है. जबकि, बीजेपी इसे ममता की हताशा बता रही है.

बिहार 5 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने बंपर जीत हासिल की है. एनडीए ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल करके महागठबंधन को एक और बड़ा झटका दिया है. बिहार से राज्यसभा के लिए 5 सीटों पर चुनाव हुए जिसमें बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की है.

'ईरान से कोई खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ...', सीनियर ऑफिसर ने चिट्ठी लिखकर ट्रंप को भेजा इस्तीफा!
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले पर यूं तो सवाल उठ रहे थे. लेकिन इसका मुखर विरोध पहली बार हुआ है. अमेरिका के काउंटर टेररिज्म सेंटर के डायरेक्टर ने ट्रंप की नीतियों पर तीखी टिप्पणी की है और कहा है कि ईरान से अमेरिका को फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं था.

IRAN-USA-ISRAEL War की वजह से देश में रसोई गैस सिलेंडर की कमी की खबरें देश भर से आ रही हैं. गैस की किल्लत को लेकर आज भोपाल और लखनऊ में प्रदर्शन भी हुए. मुंबई में लोगों के लिए खाने पीने की चीजें महंगी हो गई हैं. इन खबरों के बीच एक अच्छी खबर आ रही है कि गैस टैंकर से भरे दो जहाज आज भारत पहुंचे। देखें वीडियो.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर भारत सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में ताजा अपडेट दिया. शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज में अब भी भारतीय ध्वज वाले करीब 22 जहाज फंसे हैं, जिनमें से 6 लिक्विड पेट्रोलियम गैस कैरियर हैं. इन जहाजों की भी होर्मुज से सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के साथ बातचीत चल रही है.







