
सादे कपड़ों में तैनात रहे पुलिसकर्मी, प्रदर्शनकारियों के मंसूबे किए फेल... पंजाब में पीएम मोदी की रैलियों के लिए सात लेयर सुरक्षा
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पंजाब पुलिस गुरुवार और शुक्रवार को एक्शन में दिखी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के इरादे नाकाम कर दिए. नवंबर 2023 में, सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार पाए गए सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. निलंबित किए गए कर्मियों में बठिंडा के तत्कालीन एसपी गुरबिंदर सिंह, डीएसपी जगदीश कुमार और प्रसोन सिंह, इंस्पेक्टर बलविंदर और सिंह जतिंदर सिंह, सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह और एएसआई रमेश कुमार शामिल थे.
पंजाब पुलिस ने जनवरी 2022 की फिरोजपुर घटना से सबक लेते हुए, पीएम मोदी की रैलियों वाली जगहों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. पंजाब पुलिस ने इस बार पटियाला, दीनानगर (गुरदासपुर) और जालंधर में सात स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया, जहां पीएम मोदी ने चुनावी रैलियों को संबोधित किया. याद हो कि साल 2022 की जनवरी में पीएम मोदी फिरोजपुर पहुंचे थे, तब उनकी सुरक्षा में सेंध लगी थी और उनका काफिला 20 मिनट से अधिक समय तक एक फ्लाईओवर पर फंसा रहा था.
दिलचस्प बात यह है कि स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने भी कोई जोखिम नहीं उठाया और आयोजन स्थलों को फुलप्रूफ बनाने के लिए कई अन्य बलों को शामिल किया. सूत्रों के अनुसार, पहला सुरक्षा घेरा एसपीजी की ओर से खुद संभाला गया था, दूसरे स्तर का प्रबंधन एनएसजी कमांडो द्वारा किया गया था. तीसरे स्तर की जिम्मेदारी गुजरात पुलिस की थी, इसके बाद सीआरपीएफ और अन्य अर्धसैनिक बल, खुफिया विंग के जवान थे. पंजाब पुलिस कमांडो और पंजाब पुलिस पर्सनल जो चौथी, पांचवीं, छठी और सातवीं लेयर में तैनात थे.
दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर सुरक्षाकर्मी सादे कपड़ों में थे. यह फुलप्रूफ सुरक्षा कवर के कारण ही था कि प्रदर्शनकारी (किसान), आयोजन स्थलों तक नहीं पहुंच सके और उन्हें पटियाला से लगभग 10 किलोमीटर पहले ही रोक दिया गया. असल में किसानों ने पीएम की रैलियों के दौरान विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी. साल 2022 में पीएम मोदी के सुरक्षा चूक मामले में घटना के लगभग दो साल बाद, सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी.
पंजाब पुलिस गुरुवार और शुक्रवार को एक्शन में दिखी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के इरादे नाकाम कर दिए. नवंबर 2023 में, सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार पाए गए सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. निलंबित किए गए कर्मियों में बठिंडा के तत्कालीन एसपी गुरबिंदर सिंह, डीएसपी जगदीश कुमार और प्रसोन सिंह, इंस्पेक्टर बलविंदर और सिंह जतिंदर सिंह, सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह और एएसआई रमेश कुमार शामिल थे.
ये सभी उस वक्त फिरोजपुर में तैनात थे. दिलचस्प बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति द्वारा दोषी ठहराए गए कई अधिकारियों को अछूता छोड़ दिया गया. समिति ने तत्कालीन मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, फिरोजपुर डीआइजी इंद्रबीर सिंह और फिरोजपुर एसएसपी हरमन हंस सहित तीन शीर्ष स्तर के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का भी सुझाव दिया था. सीएम भगवंत मान ने अनिरुद्ध तिवारी को क्लीन चिट दे दी थी. मोदी ने किसानों को बेवकूफ बनाने के लिए INDI गठबंधन की आलोचना की. प्रधान मंत्री ने अपने पहले संबोधन में विपक्षी INDI गठबंधन पर निशाना साधा और उस पर किसानों और पंजाब के लोगों से झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि “यह भाजपा है जो किसान कल्याण को प्राथमिकता देती है.
पिछले एक दशक के दौरान पंजाब से गेहूं और चावल की रिकॉर्ड खरीद हुई है. इस दौरान हमने एमएसपी को 2.5 गुना बढ़ाया. पंजाब के हर किसान को किसान निधि से लाभ मिल रहा है.'

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