
साउथ कोरिया में लगा मार्शल लॉ, राष्ट्रपति बोले- उत्तर कोरिया के सपोर्ट में विपक्ष
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राष्ट्रपति यून सुक-योल ने अपने संबोधन में कहा कि दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया की कम्युनिस्ट ताकतों द्वारा उत्पन्न खतरों से बचाने और देश विरोधी तत्वों को खत्म करने के लिए मैं इमरजेंसी मार्शल लॉ की घोषणा करता हूं.' उन्होंने देश की स्वतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए इसे आवश्यक बताया.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल ने मंगलवार को विपक्षी दलों पर सरकार को पंगु बनाने, उत्तर कोरिया के प्रति सहानुभूति रखने और देश की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए देश में 'इमरजेंसी मार्शल लॉ' की घोषणा की. उन्होंने टेलीविजन पर प्रसारित राष्ट्र के नाम संबोधन में यह घोषणा की. इसके साथ ही दक्षिण कोरिया में जारी राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है.
राष्ट्रपति यून सुक-योल ने अपने संबोधन में कहा, 'दक्षिण कोरिया को उत्तर कोरिया की कम्युनिस्ट ताकतों द्वारा उत्पन्न खतरों से बचाने और देश विरोधी तत्वों को खत्म करने के लिए मैं इमरजेंसी मार्शल लॉ की घोषणा करता हूं.' उन्होंने देश की स्वतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए इसे आवश्यक बताया. यह घोषणा अगले साल के बजट को लेकर यून की पीपुल्स पावर पार्टी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच जारी विवादों के बाद आई है.
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दक्षिण कोरिया की 300 सदस्यीय संसद में बहुमत रखने वाले विपक्षी सांसदों ने हाल ही में एक छोटे बजट प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. प्रमुख फंडिंग में कटौती के लिए राष्ट्रपति यून सुक-योल ने इसकी आलोचना की थी. उन्होंने कहा, 'हमारी नेशनल असेंबली अपराधियों के लिए स्वर्ग बन गई है. यह विधायी तानाशाही का अड्डा बन गई है, जो न्यायिक और प्रशासनिक प्रणालियों को पंगु बना देना चाहती है और हमारे उदार लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म कर देना चाहती है.'
राष्ट्रपति यून सुक-योल ने विपक्ष को देश विरोधी बताया
यून ने विपक्ष पर नशीली दवाओं के अपराधों से निपटने और सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक बजट में कटौती करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष देश को 'नशीली दवाओं का स्वर्ग बनाना चाहता है और शांति को अराजकता में बदलना चाहता है. यून ने विपक्षी सांसदों पर आरोप लगाया कि वे देश-विरोधी ताकतों के साथ हैं और सरकार को उखाड़ फेंकने का इरादा रखते हैं. उन्होंने अपने फैसले का बचाव करते हुए इसे आवश्यक बताया. यून ने कहा, 'लोगों की आजीविका की परवाह किए बिना, विपक्षी दल ने केवल महाभियोग, विशेष जांच और अपने नेता को कानून के हाथों से बचाने के लिए शासन को पंगु बना दिया है.'

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