
सांस संबंधी बीमारी का इलाज कराने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए पोप फ्रांसिस, कहा- मैं अभी जिंदा हूं
AajTak
तीन दिन तक अस्पताल में रहने के बाद पोप फ्रांसिस अस्पताल से डिस्चार्ज हो गए हैं. वह ब्रोंकाइटिस का इलाज कराने के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे. उन्होंने डिस्चार्ज होने के बाद मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं अभी जिंदा हूं.
पोप फ्रांसिस ब्रोंकाइटिस (सांस संबंधी बीमारी) का इलाज कराने के बाद वेटिकन लौट आए हैं. सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद पोप को 30 मार्च को रोम के जेमेली अस्पताल ले जाया गया था. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उन्होंने अपने शुभचिंतकों से मजाकिया अंदाज में कहा कि मैं अभी जिंदा हूं.
86 साल के पोप फ्रांसिस ने सांस लेने में कठिनाई की शिकायत की थी. जेमेल अस्पताल के डॉक्टर्स ने कहा कि पोप को एंटीबायोटिक दवाइयां दी गईं. इससे उन्हें काफी राहत मिली है. वहीं जब पोप अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वह अपनी कार से निकले और बिना किसी व्यक्ति का सहारा लिए वह अपनी छड़ी के सहारे आगे बढ़ने लगे. दरअसल वह यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि वह फिट हैं.
अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने अपने शुभचिंतकों और पत्रकारों से बातचीत की. उन्होंने इस बात की पुष्टि भी की कि वे सेंट पीटर्स स्क्वायर में होने वाले कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे.
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह अस्पताल में रहने के दौरान डरे हुए थे. इसके जवाब में पोप ने कहा कि नहीं, वे डरे नहीं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब आप बीमार होते हैं, तो बहुत असहज स्थिति में होते हैं. ऐसे में डॉक्टर्स और अस्पताल में काम करने वाले लोग मरीजों के प्रति बेहद कोमल व्यवहार करते हैं. बीमारी के दौरान धैर्य से काम लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं बच्चों के वार्ड में गया और देखा कि डॉक्टर्स कितनी कोमलता से बच्चों की देखभाल कर रहे हैं.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पोप फ्रांसिस के लिए यह साल का सबसे व्यस्ततम समय होता है, दरअसल उन्हें कई तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेना होता है. पोप ने बुधवार को सेंट पीटर्स स्क्वेयर पर आए लोगों को संबोधित किया था. इस दौरान वह ठीक दिख रहे थे, लेकिन अपनी गाड़ी पर चढ़ते हुए उनकी तबीयत कुछ बिगड़ी से दिखी. वेटिकन न्यूज ने सीएनएन की रिपोर्ट के हवाले से कहा था कि पोप गुरुवार को भी एक कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे.
इससे पहले पोप को 2021 में कोलन सर्जरी के लिए जेमेली अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तब अस्पताल से निकलते वक्त वह लोगों के सामने नहीं आए थे.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







